March 5, 2026

जन्मदिन विशेष: 11 रुपये से शुरू हुआ सफर… आज सुरों की रानी हैं रिचा शर्मा

Bollywood Singer Richa Sharma

नई दिल्ली। कभी 11 रुपये कमाकर संगीत की दुनिया में पहला कदम रखने वाली छोटी सी बच्ची, आज बॉलीवुड की सबसे दमदार आवाज़ बन चुकी है। जी हां, बात हो रही है सुरों की देवी रिचा शर्मा की, जो आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर चलिए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ अनकहे, अनसुने किस्से जो आपको भी प्रेरणा देंगे।

जहां से शुरू हुआ सुरों का सफर

29 अगस्त 1980 को उत्तर प्रदेश के पटियाली में जन्मीं रिचा शर्मा के घर में ही सुरों का संगम था। उनके पिता पंडित दयाशंकर खुद एक प्रतिष्ठित कथावाचक और शास्त्रीय गायक थे। रिचा ने रियाज़ करना उस उम्र में शुरू किया, जब बच्चे ठीक से बोलना भी नहीं सीखते। उनके पिता ने एक बार कहा था, तैयार रोटी खाने में मज़ा नहीं, असली स्वाद तब है जब बीज बोओ, काटो, पीसो, पकाओ और फिर खाओ।
रिचा ने भी यही किया, संघर्षों की आंच पर अपनी मेहनत की रोटी पकाई।

पहला स्टेज, पहली कमाई  एक याद जो अमूल्य बन गई

महज 8 साल की उम्र में एक जगराते में गाने का मौका मिला और मेहनताना मिला सिर्फ 11 रुपये। लेकिन रिचा के लिए वो 11 रुपये, किसी इनाम से कम नहीं थे। वो कहती हैं आज भी उन 11 रुपयों को मैंने संभाल कर रखा है। वो मेरी पहली कमाई नहीं, मेरी पहली जीत थी।

मुंबई का बुलावा और पहला ब्रेक

संगीत के इस सफर में अगला मोड़ तब आया, जब रिचा का परिवार फरीदाबाद से मुंबई पहुंचा। साल था 1995। एक लाइव शो में माता के भजन गाते वक्त उनकी आवाज़ ने वहां मौजूद हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहीं से उन्हें पहला फिल्मी ब्रेक मिला । फिल्म ‘सलमा पे दिल आ गया’ में गाने का मौका।इसके बाद तो जैसे किस्मत खुद उनके सुरों पर थिरकने लगी। एक के बाद एक हिट गाने और शोहरत का सिलसिला शुरू हो गया।

‘लंबी जुदाई’ से ‘बिल्लो रानी’ तक  हर मूड की आवाज़

रिचा शर्मा की गायकी सिर्फ एक जॉनर तक सीमित नहीं रही।’जन्नत’ का लंबी जुदाई, साथिया’ का छलका-छलका’ओमकारा’ की “बिल्लो रानी”हर गाने में रिचा ने अपनी अलग छाप छोड़ी। भजन हो या सूफी, रोमांटिक हो या देसी ठुमका  हर रंग में रिचा की आवाज़ ने जादू बिखेरा।

आज भी सुरों की साधना जारी

आज जब कई कलाकार ग्लैमर की चकाचौंध में अपने रियाज़ को भूल जाते हैं, रिचा शर्मा अब भी रोज़ सुरों की साधना करती हैं। देश-विदेश में उनके लाइव सूफी और भजन कॉन्सर्ट आज भी उतनी ही लोकप्रियता बटोरते हैं।

एक प्रेरणा, एक आवाज, एक कहानी

रिचा शर्मा की ज़िंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। एक छोटी सी लड़की जिसने संघर्षों से हार नहीं मानी, जिसने सुरों से अपना संसार रचा और आज करोड़ों दिलों की धड़कन बन गई।

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