January 17, 2026

चीन ने रचा तकनीक का इतिहास: हाइड्रोजन ड्रोन ने 4 घंटे उड़कर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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नई दिल्ली: चीन ने एक बार फिर अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दुनिया को चौंका दिया है। हाइड्रोजन से चलने वाले एक ड्रोन ने चार घंटे से अधिक समय तक लगातार उड़ान भरकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। इस ड्रोन का नाम Tianmushan-1 है, जिसने 188 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस उपलब्धि को आधिकारिक रूप से मान्यता दी है। यह रिकॉर्ड 11 दिसंबर को चीन के हांगझोउ शहर में आयोजित एक बड़ी तकनीकी प्रदर्शनी के दौरान घोषित किया गया।इस ऐतिहासिक उड़ान ने यह साफ कर दिया है कि हाइड्रोजन तकनीक अब ड्रोन उड़ान की सीमाओं को काफी आगे ले जा चुकी है। पारंपरिक बैटरी से चलने वाले ड्रोन जहां सीमित समय तक ही उड़ पाते हैं, वहीं हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक ड्रोन को लंबे समय तक हवा में बनाए रखने में सक्षम साबित हो रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Tianmushan-1 ड्रोन को चीन की प्रतिष्ठित बेइहांग यूनिवर्सिटी की तियानमुशान लेबोरेटरी द्वारा विकसित किया गया है। इस ड्रोन की पहली परीक्षण उड़ान अगस्त 2024 में हुई थी, जबकि अप्रैल 2025 से इसका प्रोडक्शन शुरू कर दिया गया। तकनीकी रूप से यह ड्रोन बेहद हल्का है। इसका खाली वजन केवल 19 किलोग्राम है और यह करीब 6 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है।

इस ड्रोन की सबसे खास बात इसका हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम है। जहां बैटरी से चलने वाले ड्रोन कुछ समय बाद चार्ज खत्म होने की वजह से उड़ान पूरी नहीं कर पाते, वहीं हाइड्रोजन सिस्टम उड़ान के दौरान ही ऊर्जा उत्पन्न करता रहता है। इसी वजह से यह ड्रोन लंबे समय तक बिना रुके उड़ सकता है। इसके अलावा यह ड्रोन बेहद कठिन मौसम परिस्थितियों में भी काम करने में सक्षम है। माइनस 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर प्लस 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी इसकी परफॉर्मेंस स्थिर रहती है।हांगझोउ में हुई रिकॉर्ड उड़ान के दौरान Tianmushan-1 ने चार घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रहकर बिना रुके 188.605 किलोमीटर की दूरी तय की। पूरी उड़ान पर रियल टाइम निगरानी रखी गई। सभी तकनीकी डेटा की गहन जांच की गई और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नियमों के अनुसार उड़ान को पूरी तरह वैध पाया गया। उड़ान के दौरान ड्रोन का इंजन स्थिर रहा और इसकी हैंडलिंग भी संतोषजनक बताई गई।

यह रिकॉर्ड हाइड्रोजन से चलने वाले मल्टी-रोटर ड्रोन की अब तक की सबसे लंबी उड़ान का है। इससे पहले इस श्रेणी में किसी भी ड्रोन ने इतनी लंबी दूरी तय नहीं की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल की दिशा में एक बड़ा कदम है।Tianmushan-1 ड्रोन का उपयोग केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल पाइपलाइनों की निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, जंगलों और प्राकृतिक इलाकों की सुरक्षा, दूरदराज के इलाकों में सामान पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं में किया जा सकता है। चूंकि यह ड्रोन किसी भी तरह की हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं करता, इसलिए यह पर्यावरण के लिहाज से भी सुरक्षित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिकॉर्ड इस बात का संकेत है कि हाइड्रोजन ड्रोन अब प्रयोग की अवस्था से निकलकर वास्तविक उपयोग के लिए तैयार हो चुके हैं। आने वाले समय में ऐसे ड्रोन स्मार्ट सिटी, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अहम भूमिका निभा सकते हैं। चीन के इस ड्रोन ने भविष्य की तकनीक की एक झलक दुनिया के सामने रख दी है।

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