March 19, 2026

भिंड: लोक अदालत में सालों से अलग रहे पति-पत्नी हुए फिर से एक, जज ने पौधा भेंट कर दी जीवन संवारने की सीख

0
p1-1773489313


नई दिल्ली।  कुटुंब न्यायालय में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में कई वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी आपसी समझौते के बाद फिर से एक हो गए। न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।

भावनाओं से भरी अदालत:
समझौते के बाद न्यायालय परिसर में दंपतियों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। एक पत्नी ने कहा, “अगर अब ठीक से व्यवहार करेंगे तो हम साथ रहने को तैयार हैं।” वहीं पति ने भी अपनी गलतियों को सुधारने और परिवार को फिर से जोड़ने का भरोसा दिलाया।

जज ने पौधा देकर दी जीवन की सीख:
प्रधान न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने दंपतियों को एक-एक पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि पौधा नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है और जैसे पौधे को प्यार, धैर्य और देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही दांपत्य जीवन को भी सहानुभूति, समझ और धैर्य की आवश्यकता होती है।

आपसी बातचीत की अहमियत:
जज ने सलाह दी कि किसी भी मतभेद को अदालत तक ले जाने से पहले आपसी बातचीत और समझौते की कोशिश करनी चाहिए। लोक अदालत में लंबित कई मामले इसी प्रक्रिया से बिना हार-जीत के सुलझाए गए।

सफलता और सहयोग:
कार्यवाही पूरी होने के बाद दंपति मुस्कुराते हुए घर के लिए रवाना हुए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ मौजूद थे। न्यायालय के अन्य जज, अधिवक्ता और पैरालीगल वॉलंटियर्स ने काउंसलिंग कर समझौते की राह तैयार करने में सहयोग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *