June 3, 2026

विचार विमर्श

प्रखर राष्ट्रवाद में ओझल सावरकर का भाषाई योगदान

-प्रो. एस.के.सिंह दुनिया में ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जायेंगे जहां पर किसी व्यक्ति का...

(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति में प्रकृति को चेतना माना गया है। नदियाँ यहां मां...

अनुसूचित जाति आरक्षण और मतांतरण: संवैधानिक सीमाएँ, न्यायिक दृष्टिकोण

-कैलाश चन्द्र भारत का संवैधानिक ढाँचा अनुसूचित जातियों (एससी) को उन ऐतिहासिक सामाजिक विषमताओं से...

डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

-डॉ. सदानंद दामोदर सप्रेभारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज...

हमारे जनप्रतिनिधि और संविधान: जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व

डॉ राकेश कुमार आर्य. देश की संसद अर्थात शीर्ष सभा के सभासद कैसे हों ?...

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर: संविधान निर्माता और सामाजिक क्रांति के नायक..

प्रदीप कुमार वर्माभारतीय संविधान के कुशल शिल्पकार, वंचित एवं दलितों के मसीहा, कुशल राजनीतिक एवं...

अब नहीं पनपेंगे माओवादी : जरा याद इन्हें भी कर लो

– कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल देश से सशस्त्र माओवादी आतंक का खात्मा हो गया है। लेकिन...

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्रभारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता...

वीआईपी दर्शन के बढ़ते चलन में आम श्रद्धालु कहाँ खड़ा है?

डॉ. सत्यवान सौरभ भारत जैसे देश में जहाँ धर्म और आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास का...

नारी शिक्षा के अग्रदूत ज्योतिबा फुले

– मोहन मंगलमज्योतिबा फुले के संक्षिप्त नाम से ख्यात महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले महान समाजसेवी,...