रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में आगा ने कहा कि उनके हिसाब से इस तरह की स्थिति में खेल भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि वह गेंद बढ़ाकर बांग्लादेश के कप्तान को वापस देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान उन्हें रन-आउट कर दिया गया। आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। मैं मेहंदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। ऐसी स्थिति में इसे डेड बॉल भी करार दिया जा सकता था।”
“मैं रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा था”
आगा ने पूरी घटना को विस्तार से बताया कि गेंद पहले उनके पैड और फिर बैट पर लगी थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि अब गेंद खेल में एक्टिव नहीं रह रही है और वे बस गेंद बढ़ाकर वापस देने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन ढूंढ नहीं रहा था, लेकिन उन्होंने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। हालांकि आगा ने यह भी माना कि बांग्लादेश की टीम ने नियमों के भीतर रहते हुए ही यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि यह सही है तो यह उनका फैसला है, लेकिन वह खुद ऐसी स्थिति में अलग-अलग तरीकों से व्यवहार करते।
गुस्से पर भी दी सफाई
रन-आउट होने के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज़ नज़र आए थे। उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए थे और मैदान पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों से भिड़ंत बहस भी हुई थी।
इस पर सफाई देते हुए आगा ने कहा कि उस समय वह भावनाओं में बह गए थे। उन्होंने माना कि उस पल में उनकी प्रतिक्रिया गुस्से में आई और शायद कुछ चीज़ों को अलग-अलग तरीकों से संभाला जा सकता था।
लिटन दास से भी हुई बहस
इस घटना के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी और बांग्लादेश के विकेटकीपर लिटन दास के बीच भी भिड़ंत बहस देखने को मिली थी।
आगा ने इस पर कहा, “मुझे याद नहीं कि मैं क्या कह रहा था और वह क्या कह रहे थे। मुझे यकीन है कि मैं अच्छी बातें नहीं कह रहा था और वह भी नहीं कह रहे थे। लेकिन वह उस पल की गर्मी थी, इसलिए अब सब ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक उनकी मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं हुई है, लेकिन वह जल्द ही उनसे बात करेंगे।
विवादित रन-आउट कैसे हुआ था
यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। बॉलिंग कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान।
रिजवान ने बॉल को हल्के हाथों से बॉलर की दिशा में खेला। बॉल पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े होकर टक्कर मार दी। बॉल रुक गई थी, इसलिए आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया और बॉल बढ़कर मिराज को देने लगे।
इस बीच मिराज ने बॉल लेकर सीधे स्टिफ्ट्स पर थ्रो कर दिया। उस समय आगा क्रीज से बाहर थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों की अपील के बाद मामला तीसरे अंपायर के पास गया और उन्हें रन-आउट दे दिया गया।
पाकिस्तान ने मैच जीता
मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली।
बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन से मुकाबला जीत लिया।
ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है। आगा ने साफ कहा है कि वे अभी तक मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं की है, लेकिन जल्द ही उनसे बातचीत कर इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगे।