ट्रंप का दावा: ईरान पर हमले में बड़ी सफलता, सैन्य क्षमताएं गंभीर रूप से प्रभावित
ट्रंप ने कहा ईरान की स्थिति अब बहुत कमजोर है। उनकी नौसेना वायुसेना और ज्यादातर सेना को हमने भारी क्षति पहुंचाई है। उनके बड़े खतरे हर तरह से खत्म हो गए हैं। उनके रडार और एंटी एयरक्राफ्ट हथियार बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बल इस संघर्ष में अब पहले कभी न देखी गई प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यह अभियान ईरान से उत्पन्न परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है। हमें मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को समाप्त करना था और हम इसे समाप्त कर रहे हैं उन्होंने कहा। हालांकि उन्होंने अभियान की समयसीमा नहीं बताई लेकिन जोर देकर कहा कि यह उम्मीद से कहीं तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।
ट्रंप ने इस संघर्ष के संभावित वैश्विक प्रभाव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई का असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है लेकिन हालात सामान्य होने पर पेट्रोल और ऊर्जा से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से कमी आएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है। हालांकि उन्होंने इजरायल के दृष्टिकोण और अमेरिकी रणनीतिक लक्ष्यों में कुछ अंतर होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा वह एक अलग देश हैं उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है।
ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस मार्ग से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है जिससे किसी भी अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर तुरंत दिखाई देगा। ट्रंप के दावों और चेतावनियों ने पश्चिम एशिया की भू राजनीति को फिर से अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बना दिया है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।