ईद पर काले कपड़े और काली पट्टी! जेल से आजम खान का चौंकाने वाला संदेश, वजह सुनकर रूह कांप जाएगी
आजम खान ने अपनी अपील की वजह ईरान में हाल ही में हुई दुखद घटना बताई, जिसमें 160 बच्चियां शहीद हुईं। उन्होंने कहा कि यह इंसानी और नैतिक जिम्मेदारी है कि इस हादसे पर शोक व्यक्त किया जाए और दुनिया का ध्यान इस घातक घटना की ओर खींचा जाए। उनके अनुसार, ये बच्चियां भी हमारी अपनी बेटियों जैसी थीं और उनके लिए सम्मान जताना हम सभी का कर्तव्य है।
सपा नेता ने बताया कि आजम खान ने ईद के दिन सादगी बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग केवल काले कपड़े पहनें और काली पट्टी बांधें, सामान्य हंसी-खुशी और पारंपरिक उत्सव से दूर रहें। उनका संदेश ‘खिराज-ए-तहसीन’ के रूप में मासूमों को श्रद्धांजलि देने और वैश्विक स्तर पर हो रहे जुल्म के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध का रूप है।
मुलाकात में आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा भी मौजूद थीं। करीब आधे घंटे तक चली बातचीत में राजनीतिक चर्चा के बजाय मानवीय और सामाजिक संवेदनाओं पर जोर दिया गया। जेल प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच यह बातचीत पूरी हुई। सपा नेता यूसुफ मलिक ने कहा कि आजम खान लगातार मानवता और इंसानी मूल्यों पर जोर देते रहे हैं, और उनके संदेश का असर रामपुर और आसपास के जिलों में भी दिखाई दे रहा है।
ज्ञात हो कि आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं, लेकिन उनके पैगाम और बयान समाज और राजनीति पर लगातार असर डाल रहे हैं। इस अपील के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईद के दिन मुस्लिम समुदाय इस प्रतीकात्मक विरोध में किस हद तक शामिल होता है और उनके संदेश का जमीन पर क्या असर दिखाई देता है।