अफगानिस्तान में पाकिस्तान का एयरस्ट्राइक हमला, हॉस्पिटल पर वार में 400 नागरिकों की मौत; 1,15,000 लोग बेघर
अधिकारियों ने बताया कि यह हमला फरवरी से शुरू हुए पाकिस्तान अफगानिस्तान संघर्ष का हिस्सा है। सीमा क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसने केवल आतंकवाद समर्थित ठिकानों और अफगान तालिबान के तकनीकी व एम्युनिशन स्टोरेज को निशाना बनाया जबकि अफगान पक्ष इसे आम नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर हमला बता रहा है।
अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता मंदुल्लाह फितरत के अनुसार 2,000 बेड वाले अस्पताल का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है। मरने वालों की संख्या 400 पहुंच गई है जबकि 250 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आग को नियंत्रित करने तथा शवों को निकालने का काम चल रहा है।
यह हमला 2021 में तालिबान के कब्जे और अमेरिकी सैनिकों की वापसी के दौरान हुए हमले के बाद सबसे खतरनाक हमला माना जा रहा है। फरवरी के बाद पाकिस्तान अफगानिस्तान में शासन बदलने और तालिबान को दबाने की कोशिश में है लेकिन इसके परिणामस्वरूप आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। अब तक कम से कम 475 नागरिक मारे गए हैं और 1,15,000 लोग बेघर हो गए हैं।
अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम देश में आतंक फैलाने और आम लोगों को डराने की कोशिश है। इसके उलट अफगान नागरिक बॉर्डर पर जाकर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार हैं।
हालांकि पाकिस्तान ने हमले में शामिल होने से इनकार किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा कि अस्पताल को कोई निशाना नहीं बनाया गया और सभी हमले केवल सैन्य ठिकानों पर हुए। यह हमला न केवल अफगान नागरिकों के लिए खतरनाक साबित हुआ है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चेतावनी है।
