West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?
15 साल की सत्ता और नया चुनावी इम्तिहान
ममता बनर्जी ने साल 2011 में 34 साल पुराने वामपंथी शासन को खत्म कर सत्ता संभाली थी। इसके बाद 2016 और 2021 में भी उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की। अब 2026 का चुनाव उनके लिए एक बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, क्योंकि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद जनता के बीच असंतोष भी एक बड़ा फैक्टर बन सकता है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार मतदान दो चरणों में होगा: 23 अप्रैल 29 अप्रैल जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पिछली बार की तुलना में इस बार कम चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। लगातार 15 साल से सत्ता में रहने के कारण एंटी-इनकम्बेंसी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। लोगों के बीच कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वोटर लिस्ट विवाद
इस चुनाव में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब 63 लाख वोटरों के नाम हटाए गए लाखों नाम अभी भी जांच में यह मुद्दा चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। बीते कुछ सालों में TMC सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगे हैं, जैसे शिक्षक भर्ती घोटाला, राशन (PDS) घोटाला, तस्करी से जुड़े मामले इन मुद्दों पर विपक्ष लगातार हमलावर है। राज्य में वक्फ कानून और अन्य मुद्दों को लेकर भी विवाद बढ़ा है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक माहौल प्रभावित हुआ है।
BJP की बढ़ती चुनौती
इस बार BJP ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में हैृ। 2021 के मुकाबले पार्टी इस बार ज्यादा आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरी है। चुनाव से पहले ममता सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाई बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक मदद सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में बढ़ोतरी इन योजनाओं के जरिए ममता बनर्जी अलग-अलग वर्गों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही हैं।
क्या फिर बनेगी सरकार?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी अब भी राज्य की सबसे मजबूत नेता हैं, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा कठिन है। शहरी इलाकों में नाराजगी और भ्रष्टाचार के आरोप चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। बंगाल चुनाव 2026 सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक भविष्य की बड़ी परीक्षा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह चौथी बार जीतकर इतिहास रचती हैं या इस बार बंगाल की सत्ता में बदलाव आता है।
