यूपी में हर घर जल का सपना होगा और मजबूत, जल जीवन मिशन 2.0 की औपचारिक शुरुआत
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की पहुंच को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं यह समझौता मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है
इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे और वर्चुअल माध्यम से इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया इस पहल का मुख्य उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह समझौता हर घर नल से जल के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है इससे जलापूर्ति योजनाओं को बेहतर योजना और समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सकेगा उन्होंने यह भी कहा कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को मिलेगा जिन्हें सुरक्षित और शुद्ध पानी उपलब्ध होगा
उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को इस योजना की सफलता का प्रमुख कारण बताया और कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है
प्रदेश में पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचता था वहीं अब हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है जिन इलाकों में दूषित पानी के कारण बीमारियां आम थीं वहां अब हालात में सुधार देखने को मिल रहा है खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण में स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता की बड़ी भूमिका रही है
सरकार अब केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है बल्कि योजनाओं के लंबे समय तक संचालन और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दे रही है गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है
बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्र जो कभी पानी की कमी से जूझते थे वहां अब घर-घर नल से जल पहुंच रहा है जिससे लोगों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है
केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने भी इस मौके पर कहा कि जल जीवन मिशन के तहत गुणवत्ता पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए उन्होंने राज्यों से अपील की कि सभी परियोजनाओं को टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू किया जा
