RBI ने दिया भरोसा, HDFC Bank की फाइनेंशियल हेल्थ मजबूत, ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं
यह बयान ऐसे समय आया है जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने ‘नैतिक मतभेद’ का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम के बाद बाजार में हलचल देखी गई और बैंक के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया कि उसने बैंक के हालिया घटनाक्रमों का संज्ञान लिया है और अपने नियमित मूल्यांकन में उसे बैंक के संचालन या प्रशासन में कोई गंभीर खामी नजर नहीं आई है। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि वह बैंक के बोर्ड और प्रबंधन के साथ आगे की रणनीति को लेकर लगातार संपर्क में है, जिससे पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहे।
अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति को मंजूरी, निवेशकों को दिया भरोसा
इसी बीच आरबीआई ने बैंक के अनुरोध पर Keki Mistry को 19 मार्च से तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम संक्रमण काल को सुचारू रूप से संभालने के लिए उठाया गया है। केकी मिस्त्री, जो बैंकिंग और कॉरपोरेट जगत में एक अनुभवी नाम हैं, ने पद संभालने के बाद निवेशकों और विश्लेषकों को भरोसा दिलाया कि बैंक के अंदर कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि अगर यह जिम्मेदारी उनके मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होती, तो वह इसे स्वीकार नहीं करते, खासकर 71 वर्ष की आयु में।
कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान मिस्त्री ने यह भी संकेत दिया कि आरबीआई का तेजी से उनकी नियुक्ति को मंजूरी देना इस बात का प्रमाण है कि केंद्रीय बैंक बैंक के मौजूदा संचालन से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि बैंक का प्रबंधन पूरी तरह पेशेवर है और सभी प्रक्रियाएं नियामकीय मानकों के अनुरूप चल रही हैं। बाजार में आई अस्थायी गिरावट को उन्होंने सामान्य प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर, आरबीआई और बैंक प्रबंधन दोनों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि एचडीएफसी बैंक की नींव मजबूत है और भविष्य को लेकर कोई बड़ा जोखिम फिलहाल नजर नहीं आता।
