March 20, 2026

बैतूल में इंसानियत की मिसाल: अजय कोरी ने CPR देकर बचाई युवक की जान, CCTV में कैद हुआ जीवनदान का पल

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बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और तत्परता की मिसाल पेश कर दी। कॉलेज चौक इलाके में अचानक एक युवक को हार्ट अटैक आने से उसकी हालत बिगड़ गई और वह बाइक पर बैठे बैठे ही बेहोश होकर गिरने लगा। कुछ ही पलों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई लेकिन मौके पर मौजूद एक युवक की सूझबूझ और हिम्मत ने एक जिंदगी को बचा लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह संतुलन खोकर गिरने लगा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह बेसुध हो चुका था। ऐसे नाजुक समय में पास ही दुकान पर खड़े अजय कोरी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत स्थिति को संभाला। उन्होंने तुरंत युवक को जमीन पर लिटाया और उसे CPR कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया।

अजय कोरी की यह त्वरित कार्रवाई ही उस युवक के लिए जीवनदान साबित हुई। कुछ ही देर में युवक की सांसें फिर से चलने लगीं और उसकी हालत में सुधार आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी मदद की और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग दिया। अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

इस पूरी घटना का वीडियो पास की एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे अजय कोरी बिना घबराए पूरी समझदारी के साथ CPR दे रहे हैं और धीरे धीरे युवक की हालत में सुधार होता दिख रहा है। यह दृश्य न सिर्फ भावुक कर देने वाला है बल्कि यह भी सिखाता है कि आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय कोरी ने जिस तरह से सूझबूझ दिखाई वह काबिल ए तारीफ है। उनकी इस बहादुरी और मानवता के जज्बे की हर तरफ सराहना हो रही है। कई लोगों का मानना है कि अगर आम लोग भी CPR जैसी प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों को सीख लें तो ऐसी कई जानें बचाई जा सकती हैं।

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और सही समय पर की गई मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। अजय कोरी ने न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किया है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना कितना जरूरी है।

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