फ्लिपकार्ट के वित्तीय नेतृत्व में हड़कंप, सीएफओ श्रीराम वेंकटरमन का इस्तीफा
वित्त विभाग में अंतरिम व्यवस्था
कंपनी ने बताया कि यह कदम फाइनेंशियल ऑपरेशन की स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस दौरान रवि अभिनव अंतरिम रूप से कंपनी के वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक नए सीएफओ की नियुक्ति नहीं हो जाती।
आई मंडल की तैयारी के बीच बदलाव
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारत में अपनी आई.आई.वी. की तैयारी कर रही है। लीडरशिप में बदलावों की नज़रों में महत्वपूर्ण घटनाएँ होती हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसकी डिजाइन योजना तय समय पर आगे बढ़ रही है। साथ ही, बेकर ने अपनी लीडरशिप टीम को मजबूत करते हुए निशांत वर्मा को सचिवालय और मैड्रिडशिप के लिए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। यह संकेत बताता है कि कंपनी अपने अगले पैमाने के चरणों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स का नवीनीकरण कर रही है।
वित्तीय प्रदर्शन: राजस्व में वृद्धि, घाटा बढ़ा
मार्च 2025 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का समेकित घाटा 5,189 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। पिछले वित्तीय वर्ष 2024 में यह घाटा 4,248.3 करोड़ रुपये था।
हालाँकि, कुल राजस्व 17.3 प्रतिशत प्रतिशत 82,787.3 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 70,541.9 करोड़ रुपये था। कंपनी का कुल खर्च भी इसी तरह बढ़ा, 17.4 प्रतिशत उछाल 88,121.4 करोड़ रुपये हो गया।
स्टॉक-इन-ट्रेड और फाइनेंस कॉस्ट पर खर्च
सबसे बड़ा खर्च स्टॉक-इन-ट्रेड की खरीद पर हुआ, जो 87,737.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 74,271.2 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, फाइनेंस कॉस्ट में 57 फीसदी की तेजी आई और यह 454 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
भविष्य की दिशा
इन बदलावों और वित्तीय प्रदर्शनों के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जल्द ही आई फिल्में और सार्वजनिक बाजार में विस्तार की तैयारी की जा रही है। कंपनी का लक्ष्य मजबूत सुदृढ़ीकरण और सुव्यवस्थित वित्तीय संरचना के साथ वृद्धि और उद्यमियों का विश्वास सुनिश्चित करना है।
