अय्यर का जलवा: आईपीएल इतिहास के वो इकलौते कप्तान जिन्होंने बदली तीन फ्रेंचाइजियों की किस्मत, बदरीनाथ ने बताया धोनी का उत्तराधिकारी
अय्यर ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से रन बरसाए हैं, बल्कि आईपीएल में अपनी रणनीतिक कप्तानी से भी हर किसी को अपना मुरीद बना लिया है। उनकी कप्तानी की सबसे खास बात यह है कि वह आईपीएल इतिहास के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजियों को फाइनल की दहलीज तक पहुँचाया है।
श्रेयस अय्यर के इस शानदार सफर की शुरुआत 2020 में हुई थी। उस समय उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभालते हुए टीम को पहली बार फाइनल का टिकट दिलाया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उनकी टीम को मुंबई इंडियंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एक युवा लीडर के तौर पर उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी थी।
इसके बाद साल 2024 उनके करियर का सबसे स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ, जब उनकी जादुई अगुवाई में कोलकाता नाइट राइडर्स KKR चैंपियन बनी। अय्यर का कप्तानी कौशल यहीं नहीं रुका; साल 2025 में उन्होंने पंजाब किंग्स की बागडोर संभाली और अपनी रणनीतियों के दम पर टीम को फाइनल तक ले गए, जहाँ रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें उपविजेता के रूप में रोक दिया।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुब्रमण्यम बदरीनाथ ने अय्यर की इस प्रतिभा को पहचानते हुए उनकी जमकर तारीफ की है। बदरीनाथ का मानना है कि हालांकि श्रेयस की तुलना धोनी और रोहित जैसे दिग्गजों से करना फिलहाल जल्दबाजी होगी, क्योंकि उन दोनों के पास 5-5 खिताबों का विशाल साम्राज्य है, लेकिन श्रेयस निश्चित रूप से उस दौड़ में शामिल हो चुके हैं।
आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करना लोहे के चने चबाने जैसा है। मैदान पर एक तरफ रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई कोच और खिलाड़ियों का तालमेल बिठाना होता है, तो दूसरी तरफ भारतीय युवा प्रतिभाओं को तराशना। इतना ही नहीं, मैदान के बाहर टीम मैनेजमेंट और प्रीति जिंटा जैसे फ्रेंचाइजी मालिकों के तीखे सवालों का सामना करना भी एक बड़ी चुनौती होती है।
श्रेयस अय्यर ने इन तमाम दबावों को बहुत ही खूबसूरती और शांति के साथ संभाला है, जो उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो श्रेयस ने अब तक कुल 83 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें से 48 बार उनकी टीम को जीत नसीब हुई है। यह रिकॉर्ड साबित करता है कि वे महज एक कप्तान नहीं, बल्कि एक मैच विनर लीडर हैं।
