March 15, 2026

अब कोई नहीं है सुपरमार्केट की ओर से: शॉकॉक कैंसिल करने पर देना होगा टैगडा पुअनी, बिना एयरलाइन की टैक्सी चलाना संभव नहीं है

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने ओला और उबर के जेईई ऐप पर आधारित टैक्सी सेवाओं को कंपनियों में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने मोटरयान ग्रुप एवं वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। सरकार का कहना है कि अब बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के कोई भी ऐप आधारित रेडियो सेवा संचालित नहीं हो सकती। इन पेशेवरों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा और यात्री सेवाओं को सुरक्षित करना है।

30 दिनों में सलाह और सलाह दी गई
राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन करते हुए नई नियमावली का मसौदा जारी किया है। इस पर आम लोगों, सुपरमार्केट और अन्य संबंधित स्टार्स से 30 दिनों के लिए सलाह और गोपनीयता की छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि सभी सुझावों पर विचार करने के बाद प्रतिभा को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद प्रदेश में चलने वाली सभी ऐप आधारित रेडियो सेवाओं को अंतिम चरण के अनुसार काम करना होगा।

बिना किराये वाली गाड़ी चलाना संभव नहीं
नई व्यवस्था के अनुसार किसी भी प्रकार की रोड़ सेवा के बिना भर्ती, वाहन, फिटनेस और चालक के लिए यात्रा नहीं चलनी चाहिए। इसके साथ ही चालक का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा। यदि कोई सेवा प्रदाता या चालक दल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना ​​है कि इससे अवैध विदेशी सेवाओं पर रोक से यात्रियों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलेगी।

बैंक कैंसिल करने पर अंतिम कीमत
नई नियमावली में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। यदि कोई चालक दल नामांकन स्वीकार करने के बाद बिना किसी वैध के उसे रद्द कर देता है, तो उस पर किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतर 100 रुपये तक का मूल्य निर्धारण होगा। इसके अलावा अगले कोच में यात्री को किराए पर कुछ डीजल भी देगा। सरकार का मानना ​​है कि इससे बार-बार शोक कंसिल करने की समस्या कम होगी। सरकार ने पासपोर्ट के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य कर दिया है। इसमें ऐप का सही उपयोग, मोटरयान नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, यात्रियों से व्यवहार और सड़क दुर्घटना के समय सहायता जैसे विषय शामिल होंगे। अगर किसी ड्राइवर की रेटिंग 5 प्रतिशत से कम है तो उसे हर तीन महीने में फिल्म ट्रेनिंग लेनी होगी।

ड्राइवर बनने के लिए तय किये गये नये नियम
नई नीति के अनुसार ड्रॉइट ड्राइवर बनने के लिए कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव जरूरी होगा। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में किसी भी अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को चालक बनने की अनुमति नहीं दी गई। सभी पासपोर्टों का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन भी अनिवार्य होगा। सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नियम तय किए हैं। ड्राइवर के पास कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा 10 लाख रुपये का आकस्मिक बीमा अनिवार्य है ऐप में महिला चालक दल का विकल्प आवश्यक यात्री लाइव ड्राइवर परिवार या दोस्तों के साथ साझा कर पैसा

सभी साहिलियत में साहिली सिस्टम सक्रिय रहेगा
अगर ड्राइवर तय रास्ते से हटता है तो कंट्रोल रूम को तुरंत जरूरी मिल जाएगा। नई नीति में प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ऑटो कैरिज ही जोड़ा जाएगा। चार पहिया औद्योगिक वाणिज्यिक वाहन, औद्योगिक मालवाहक वाहन और डोपहिया श्रेणी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले नए ऑटोमोबाइल को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना ​​है कि इससे प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी

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