रांची में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन
बारिश और रातभर प्रदर्शन के बीच कायम रहा आंदोलन
जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। बारिश और खराब मौसम के बावजूद प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मांग की है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
क्या हैं छात्रों के आरोप?
प्रदर्शन का मुख्य कारण 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम है। छात्रों का आरोप है कि कटऑफ तय करने में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मेरिट सूची पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। OMR शीट में हेरफेर की आशंका है। परीक्षा आयोजित करने वाली TDPL कंपनी को परीक्षा से पहले राज्य में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, फिर भी उसे जिम्मेदारी दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल राज्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जानी चाहिए।
OMR में नए विकल्प की भी मांग
छात्र भविष्य में विवाद रोकने के लिए OMR शीट में ‘Not Attempted’ (प्रश्न नहीं किया) का अलग विकल्प जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
आंदोलन पर सियासत भी तेज
छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड की राजनीति भी गर्मा गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने सरकार के रुख का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
छात्रों को मिला CJP का समर्थन
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन किया। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कही।
मशाल मार्च से बढ़ा दबाव
करीब एक सप्ताह से जारी सत्याग्रह के बीच छात्रों ने रविवार को मशाल मार्च भी निकाला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
