August 3, 2026

PoK चुनाव पर पाकिस्तान में बढ़ा सियासी घमासान, PML-N ने बहुमत का दावा किया तो बिलावल ने उठाए गंभीर सवाल

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नई दिल्ली । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। मतगणना पूरी होने से पहले ही पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने साधारण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने का दावा कर दिया है। दूसरी ओर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और विवादित सीटों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्ला ने दावा किया कि 45 सदस्यीय विधानसभा में उनकी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन मिल चुका है। उनके अनुसार दूसरे चरण में पीएमएल-एन ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की है और मुजफ्फराबाद क्षेत्र की सात सीटों में से चार पर सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पार्टी कुल 23 सीटों तक पहुंच गई है, जिससे उसे साधारण बहुमत प्राप्त हो गया है। वहीं पीपीपी के हिस्से में मुजफ्फराबाद की तीन सीटें आने का दावा किया गया।

इन दावों के बीच बिलावल भुट्टो जरदारी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव के दूसरे चरण में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका आरोप है कि उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग के समक्ष कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन उन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई करता तो उसकी विश्वसनीयता बनी रहती। बिलावल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव परिणामों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी और जिन निर्वाचन क्षेत्रों में धांधली के आरोप हैं वहां पुनर्मतदान की मांग करेगी।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। मतदान केंद्रों तक चुनाव कर्मियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचाया गया। सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस के साथ पंजाब और सिंध से अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई। इसके बावजूद कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने सड़कें अवरुद्ध कर मतदान प्रक्रिया का विरोध किया। कुछ इलाकों में मतदान प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं।

प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। संगठन का कहना है कि इन सीटों के जरिए राजनीतिक समीकरण प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। चुनाव के पहले चरण के दौरान भी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ था।

पीओके की 45 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में मुजफ्फराबाद और शरणार्थी सीटों पर वोट डाले गए। तीसरे चरण का मतदान पुंछ डिवीजन की नौ सीटों पर निर्धारित है। इस बीच भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पाकिस्तान के कब्जे वाले सभी क्षेत्र भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं तथा वहां कराया जा रहा चुनाव भारत के दृष्टिकोण से वैध नहीं माना जाता। ऐसे में चुनावी परिणामों के साथ-साथ राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।

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