September 13, 2026

प्रतियोगी परीक्षा का दबाव या मानसिक तनाव इंदौर में 18 वर्षीय छात्र ने उठाया खौफनाक कदम

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इंदौर । प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इंदौर आए एक 18 वर्षीय छात्र की आत्महत्या की घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और अकेलेपन की समस्या को उजागर कर दिया है। भंवरकुआ थाना क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहे छात्र ने सोमवार रात फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी तब मिली जब उसके दोस्त कोचिंग से लौटे और कमरे का दरवाजा खोलने पर उसे फंदे से लटका पाया। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान प्रियांश पुत्र अजीत कौरव निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी जिला नरसिंहगढ़ गाडरवाड़ा के रूप में हुई है। प्रियांश एसएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के उद्देश्य से करीब पंद्रह दिन पहले ही इंदौर आया था। वह भंवरकुआ क्षेत्र में अपने तीन दोस्तों के साथ किराए के कमरे में रहकर कोचिंग कर रहा था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था।

मृतक के दोस्त शिवम ने बताया कि सोमवार शाम वह और एक अन्य साथी नियमित कोचिंग के लिए गए थे। इससे कुछ समय पहले उनका तीसरा दोस्त भी किसी परिचित से मिलने बाहर चला गया था। उस समय प्रियांश कमरे में अकेला था। जब दोनों दोस्त कोचिंग से वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि प्रियांश फंदे पर लटका हुआ है। दोस्तों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दोस्तों ने पुलिस को बताया कि इंदौर आने के बाद से ही प्रियांश का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। वह एसएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग में डेमो क्लास कर रहा था लेकिन नए माहौल और पढ़ाई के दबाव के कारण वह सहज महसूस नहीं कर पा रहा था। उसने कुछ दिन पहले अपने माता पिता से फोन पर बातचीत करते हुए घर लौटने की इच्छा भी जताई थी। परिजनों ने उसे वापस आने के लिए कह दिया था लेकिन उससे पहले ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

प्रियांश एक किसान परिवार से था। परिवार में माता पिता के अलावा उसका एक बड़ा भाई है जो भोपाल में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन देर रात इंदौर पहुंचे जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा।

भंवरकुआ थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस दोस्तों और परिजनों के बयान दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने मौजूद मानसिक तनाव और भावनात्मक चुनौतियों की ओर भी गंभीर संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए शहर में अकेलापन पढ़ाई का दबाव और भविष्य की चिंता कई बार छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव डालती है। ऐसे में परिवार मित्रों और संस्थानों को छात्रों की भावनात्मक स्थिति पर भी बराबर ध्यान देने की जरूरत है ताकि समय रहते उन्हें आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन मिल सके।

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