September 13, 2026

कालकाजी में बुजुर्ग संगीतकार की मौत के बाद बेटों ने आने से किया इनकार, पुलिस के समझाने पर पहुंचे अस्पताल

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नई दिल्ली ।मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दुखद घटना राजधानी के कालकाजी थाना क्षेत्र में सामने आई है। यहां गोविंदपुरी एक्सटेंशन स्थित एक किराए के मकान में रहने वाले 64 वर्षीय संगीतकार रवि डे का शव उनके घर में लगभग पांच दिनों तक संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि मृतक के दो बेटे महज साढ़े पांच किलोमीटर की दूरी पर लाजपत नगर में रहते हैं, लेकिन पिता की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद भी उन्होंने शुरुआत में आने से साफ इनकार कर दिया।

घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों को बंद मकान से असहनीय बदबू आने लगी। स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कालकाजी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर खोला। अंदर का दृश्य अत्यंत भयावह था, जहां बुजुर्ग का शव बाथरूम के पास गंभीर रूप से क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ था।

पुलिस ने तत्काल परिजनों की जानकारी जुटाई और लाजपत नगर में रह रहे उनके दोनों बेटों से संपर्क साधकर घटना की जानकारी दी। हालांकि, बेटों ने मौके पर आने में कोई रुचि नहीं दिखाई और आने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया।

पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार समझाने-बुझाने और कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देने के बाद आखिरकार परिजन 16 अगस्त को अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया।

यह घटना समाज में बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा और टूटते पारिवारिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी समय-समय पर बुजुर्गों के एकाकीपन और अपनों से दूरी की ऐसी दुखद खबरें सामने आती रही हैं। कालकाजी थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर आसपास के लोगों और परिजनों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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