September 13, 2026

भारत का 'जैसे को तैसे' वाला जवाब…. पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहरी अतिक्रमण पर चलाया बुलडोजर

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नई दिल्ली।
भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्ते हैं। इस बीच पाकिस्तान (Pakistan) ने फिर कुछ ऐसा कर दिया जिससे भारत (India) को ‘जैस को तैसे’ वाला जवाब देने पड़ा। नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन (Pakistan High Commission) के बाहर बनी कुछ अनधिकृत संरचनाओं और अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये ढांचे पाकिस्तानी मिशन के वीजा सेक्शन के पास थे और हाई कमीशन के तय परिसर की सीमा के बाहर बने हुए थे। संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए इन्हें साफ कर दिया।

WION की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में हुई इस कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर की गई हालिया कार्रवाई के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगे पार्किंग पोल हटा दिए थे। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई पहले भी होती रही है।


पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर क्या हुआ?

नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर, खास तौर पर उसके वीजा सेक्शन के आसपास कुछ ऐसी संरचनाएं थीं जो निर्धारित परिसर की सीमा के बाहर थीं। इनको अनधिकृत माना गया और संबंधित एजेंसियों ने इन्हें हटा दिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक रिश्ते बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि कार्रवाई का सीधा कारण अतिक्रमण और निर्धारित सीमा से बाहर बनी संरचनाएं होना बताया गया है, लेकिन इसका समय इसे दोनों देशों के बीच चल रही पारस्परिक कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।


इस्लामाबाद में भारत के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई थी?

नई दिल्ली की कार्रवाई से कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगे पार्किंग पोल हटा दिए थे। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में जब भी तनाव बढ़ा है, दोनों देशों ने कई बार एक-दूसरे के खिलाफ समान या जवाबी प्रशासनिक कदम उठाए हैं। इनमें राजनयिक कर्मचारियों की संख्या घटाना, आवाजाही और पहुंच पर पाबंदियां लगाना तथा मिशन से जुड़ी सुविधाओं को सीमित करना जैसे कदम शामिल रहे हैं। इसलिए पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर दिल्ली में हुई ताजा कार्रवाई को भी इसी व्यापक सिलसिले की कड़ी माना जा रहा है।


भारत-पाकिस्तान के रिश्ते इतने खराब क्यों हैं?

भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव की सबसे बड़ी वजह सीमा पार आतंकवाद है। पाकिस्तान की जमीन से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन मिलता है। पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा खराब हो गए। अप्रैल 2025 में हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया।

इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक गंभीर सैन्य तनाव रहा। यह संघर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकरावों में से एक माना गया। आखिरकार पाकिस्तान की ओर से संपर्क किए जाने के बाद संघर्ष विराम की स्थिति बनी।


ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या बदला?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में सामान्य स्थिति वापस नहीं आ सकी है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग ठप हैं और प्रमुख जमीनी सीमा मार्ग भी बंद है। वीजा व्यवस्था भी पहले की तुलना में काफी सीमित कर दी गई है। दोनों देशों में स्थित हाई कमीशन पहले की तुलना में कम कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। यानी दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संपर्क पूरी तरह खत्म तो नहीं हुआ है, लेकिन रिश्तों में सामान्य गर्मजोशी फिलहाल दिखाई नहीं देती।


सिंधु जल संधि भी बनी बड़ा मुद्दा

भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को भी फिलहाल स्थगित रखा है। नई दिल्ली का कहना है कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और पूरी तरह समाप्त करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता। सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण जल समझौता है। ऐसे में इसका स्थगन दोनों देशों के रिश्तों में तनाव की गंभीरता को दिखाता है।

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