September 13, 2026

विमान चालकों के लिए कड़े होंगे नियम, गांजा कांड के बाद सरकार और एयर इंडिया ने बढ़ाई सख्ती

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नई दिल्ली । हजारों फीट की ऊंचाई पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में घटित एक गंभीर विमान दुर्घटना के बाद सरकार ने सभी एयरलाइंस के फ्लाइट क्रू और विमान चालकों के मादक पदार्थ परीक्षण को और अधिक सख्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब आकस्मिक ड्रग टेस्ट के दायरे को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत से अधिक करने की योजना बनाई जा रही है।

यह प्रशासनिक पहल फुकेत से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 2379 में हुई एक गंभीर घटना के बाद सामने आई है। उड़ान के दौरान विमान में अचानक तेज हलचल हुई और वह हवा में लगभग 300 फीट नीचे आ गया। इस हादसे में तीन शिशुओं सहित 137 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से कई लोग घायल हो गए थे। जांच के दौरान मुख्य विमान चालक के शरीर में भांग या गांजे जैसे वर्जित नशीले पदार्थ की पुष्टि हुई थी।

विमानन सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की अनिवार्य जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। कंपनी के उड़ान परिचालन विभाग ने सभी पायलटों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि वर्जित दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन की जांच अब शत-प्रतिशत चालकों के लिए लागू होगी। यह प्रक्रिया कंपनी की गुरुग्राम अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और संबंधित एयरलाइंस कार्यालयों में संचालित की जा रही है।

विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा सितंबर 2021 में मादक पदार्थों की जांच से संबंधित नियम जारी किए गए थे, जिन्हें जनवरी 2022 से प्रभावी रूप से लागू किया गया था। वर्तमान नियमों में औचक जांच का प्रावधान है, लेकिन हालिया सुरक्षा चूक को देखते हुए केंद्र सरकार नियमों को अधिक कठोर बनाने पर विचार कर रही है। नए प्रस्ताव के तहत परीक्षणों की आवृत्ति और जांच का दायरा काफी हद तक बढ़ा दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर परिचालन करने वाले उड़ानों में भी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि क्रू सदस्यों के नियमित और आकस्मिक परीक्षण से उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और इस प्रकार की लापरवाही पर पूर्ण विराम लग सकेगा।

विमानन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस का मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जांच की नई व्यवस्था से न केवल एयरलाइंस के अनुशासन में सुधार होगा, बल्कि उड़ानों के दौरान यात्रियों का विश्वास भी पुनः मजबूत होगा। सरकार आने वाले दिनों में इस संबंध में नई मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर सकती है।

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