September 13, 2026

मोबाइल कनेक्शन को लेकर DoT की बड़ी सख्ती, तय कोटा पूरा होने के बाद उपभोक्ता नहीं खरीद पाएंगे नया सिम

0
1-1787298913

नई दिल्ली । 
देश भर में मोबाइल सेवाओं के बढ़ते विस्तार के साथ ही दूरसंचार विभाग ने उपभोक्ता सुरक्षा और डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 24 अगस्त से सिम कार्ड बिक्री और नए कनेक्शन जारी करने से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य एक ही व्यक्ति के नाम पर अत्यधिक संख्या में चालू सिम कार्डों के दुरुपयोग को रोकना और मोबाइल नेटवर्क के परिचालन में पारदर्शिता बढ़ाना है।

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत देश की सभी दूरसंचार ऑपरेटर कंपनियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे नया कनेक्शन देने से पहले ग्राहक के नाम पर पहले से पंजीकृत मोबाइल नंबरों की कड़ाई से जांच करें। यदि किसी उपभोक्ता के नाम पर पहले से ही तय सीमा के अनुसार अधिकतम सिम कार्ड दर्ज हैं, तो उसे नया कनेक्शन जारी करने से साफ मना कर दिया जाएगा। कंपनियों को अपने सिस्टम में ऐसी तकनीक लागू करने को कहा गया है जो नए आवेदन के दौरान तुरंत पुरानी आईडी से लिंक कनेक्शनों का डेटा सत्यापित कर सके।

मौजूदा सरकारी दिशानिर्देशों के मुताबिक देश के अधिकांश राज्यों में एक नागरिक के नाम पर अधिकतम नौ सिम कार्ड पंजीकृत कराने की अनुमति है। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले असम, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में यह अधिकतम सीमा छह मोबाइल कनेक्शन की तय की गई है। नए नियम के लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति इस तय कोटे को पार कर लेता है तो उसे नई सिम जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी।

इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे नया ग्राहक जोड़ते समय अपने डेटाबेस का मिलान करें। देश के विभिन्न हिस्सों में मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के उपभोक्ता भी अपने नाम से जारी कुल सिम कार्डों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने संचार साथी और टीएएफसीओपी नाम से आधिकारिक डिजिटल पोर्टल उपलब्ध कराए हैं, जहां मोबाइल धारक अपने पंजीकृत नंबर की मदद से जांच कर सकते हैं कि उनकी पहचान पर कितने कनेक्शन सक्रिय हैं।

डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के आने से फर्जी पहचान पत्रों पर सिम हासिल करने वाले तत्वों पर नकेल कसेगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। इसके साथ ही यदि किसी व्यक्ति को यह पता चलता है कि उसकी जानकारी के बिना कोई अन्य नंबर सक्रिय है, तो वह सरकारी पोर्टल के माध्यम से सीधे उस नंबर की रिपोर्ट दर्ज करवा कर उसे बंद कराने का अनुरोध भी प्रस्तुत कर सकता है।

सरकार के इस फैसले से आम उपभोक्ताओं को अपने डिजिटल दस्तावेजों और पहचान की सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी। 24 अगस्त से शुरू हो रही यह नई प्रक्रिया सभी दूरसंचार प्रदाताओं के लिए अनिवार्य होगी। यदि कोई कंपनी तय सीमा से अधिक कनेक्शन जारी करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियामक मानकों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed