September 13, 2026

गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में लौटी खरीदारी, सेंसेक्स 287 अंक चढ़ा और निफ्टी 0.48 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ

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नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू स्तर पर फार्मा तथा पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,656.09 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 116 अंकों यानी 0.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 24,335.55 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले सोमवार के कारोबार में बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी।

मंगलवार को सेंसेक्स 77,369.11 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 73.61 अंक नीचे 77,295.49 पर खुला। शुरुआती कमजोरी के बाद सूचकांक ने तेजी पकड़ी और दिन के दौरान 297.28 अंक की बढ़त के साथ 77,666.39 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।

निफ्टी भी 24,219.05 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 43.29 अंक की गिरावट के साथ 24,175.75 पर खुला। कारोबार के दौरान खरीदारी बढ़ने से इसमें सुधार आया और सूचकांक 115.5 अंक की तेजी के साथ 24,334.55 के इंट्रा-डे उच्च स्तर तक पहुंचा।

बाजार की तेजी में फार्मा, हेल्थकेयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी पीएसयू बैंक में मजबूती दिखाई दी। इसके विपरीत निजी क्षेत्र के बैंक और मेटल से जुड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला।

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप में 0.54 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.10 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की दिलचस्पी चुनिंदा बड़ी और मध्यम कंपनियों में बनी रही।

निफ्टी 50 में अदाणी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, इंफोसिस और इटरनल प्रमुख तेजी वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर एचडीएफसी लाइफ, सिप्ला और ओएनजीसी कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।

बाजार की धारणा को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी समर्थन मिला। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर बाजार की अपेक्षाओं के मुकाबले अपेक्षाकृत कम सख्ती रहने की धारणा बनी, जिससे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में हालिया ऊंचाई से कुछ नरमी आई। ऊर्जा लागत में राहत ने घरेलू शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनाया।

विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों ने हेल्थकेयर और वित्तीय क्षेत्र जैसे अपेक्षाकृत रक्षात्मक तथा घरेलू मांग पर आधारित क्षेत्रों की ओर रुख किया। घरेलू बॉन्ड बाजार में स्थिरता के संकेतों ने भी बाजार धारणा को सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी बनी हुई है।

बाजार participants अब महंगाई के आगामी आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख अधिकारियों की टिप्पणियों पर नजर रख रहे हैं। इन संकेतों से आगे ब्याज दरों की दिशा और वैश्विक निवेश धारणा को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

निकट अवधि में भारतीय शेयर बाजार में सावधानी बनी रह सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों तथा वैश्विक बॉन्ड यील्ड में संभावित बदलाव बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में मंगलवार की तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी, लेकिन आगे के कारोबार में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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