सोशल मीडिया पर डर फैलाने की साजिश नाकाम, फर्जी AI वीडियो मामले में यूएई में 10 गिरफ्तार
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच United Arab Emirates (यूएई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने ईरान युद्ध और सुरक्षा हालात को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक वीडियो फैलाकर आम जनता में डर और अफरातफरी पैदा करने की कोशिश की। इसके साथ ही, आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे वीडियो
यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान कई वीडियो सामने आए, जिनमें लोगों को गुमराह करने वाली सामग्री साझा की गई थी। जांच में पाया गया कि कुछ वीडियो में वास्तविक फुटेज का गलत संदर्भ प्रस्तुत किया गया था, जबकि कई क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए गए थे। इन वीडियो में विस्फोट, प्रमुख इमारतों पर हमले और यूएई के अलग-अलग इलाकों में आग लगने जैसे दृश्य दिखाए गए थे।
बच्चों और विदेशी घटनाओं का इस्तेमाल
अटॉर्नी जनरल ने बताया कि कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का इस्तेमाल कर सुरक्षा खतरे का झूठा संकेत दिया गया, जबकि अन्य वीडियो में विदेशी घटनाओं को यूएई से जोड़कर पेश किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और डर का माहौल पैदा करना था। अधिकारियों का कहना है कि यह साइबर स्पेस और नई तकनीक का गलत इस्तेमाल था, जिसे यूएई सरकार गंभीरता से ले रही है।
आरोपियों की पूछताछ और सजा
अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अपराधों के लिए कम से कम एक वर्ष की जेल और 1 लाख दिरहम का जुर्माना निर्धारित है। अटॉर्नी जनरल ने साफ चेतावनी दी कि देश की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता के लिए सुरक्षा संदेश
अटॉर्नी जनरल ने आम लोगों से अपील की है कि वे रक्षा प्रणालियों से जुड़े वीडियो या ऐसी कोई भी जानकारी साझा न करें जिससे समाज में डर और अफरा-तफरी फैले। उन्होंने कहा कि साइबर स्पेस में गलत सूचनाओं और फर्जी एआई सामग्री का फैलाव देश की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है, और इसे रोकने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।