इलाहाबाद हाईकोर्ट की संभल प्रशासन को कड़ी फटकार: हालात नहीं संभल रहे, तो इस्तीफा दें SP और DM
मामले की जड़ गाटा संख्या-291 पर स्थित एक स्थल है, जिसे याचिकाकर्ता ने मस्जिद बताते हुए वहां नमाज अदा करने की अनुमति मांगी थी। याचिका में दलील दी गई थी कि स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए नमाजियों की संख्या को केवल 20 तक सीमित कर दिया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूमि निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंधात्मक सीमा तय की गई थी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक समुदाय को अपने निर्धारित पूजा स्थलों पर शांतिपूर्वक इबादत और पूजा-अर्चना करने का संवैधानिक अधिकार है। न्यायालय ने जोर देकर कहा कि राज्य का प्राथमिक कर्तव्य कानून का शासन स्थापित करना है, न कि अधिकारों को सीमित करना। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित स्थल की तस्वीरें और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च को होगी और अदालत ने इसे ताजा मामलों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल करने का निर्देश दिया है।