एलपीजी संकट से टाइल्स उद्योग पर असर, फैक्ट्रियां बंद; कीमतों में 20% तक उछाल
दरअसल टाइल्स उद्योग में भट्टियों को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर एलपीजी गैस का उपयोग किया जाता है। लेकिन हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में आई बाधा के कारण गैस की उपलब्धता कम हो गई है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा है और कई फैक्ट्रियों को सीमित क्षमता पर काम करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति प्रभावित हुई है। इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है, जिससे उद्योगों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।
बाजार में घट रही उपलब्धता
गैस संकट के कारण फैक्ट्रियों का उत्पादन कम होने से टाइल्स की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कंपनियों द्वारा अब माल की आपूर्ति करीब 40 दिन की वेटिंग के बाद की जा रही है। पहले जहां दुकानदारों को कुछ ही दिनों में माल मिल जाता था, वहीं अब उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
कीमतों में तेज उछाल
आपूर्ति घटने के कारण बाजार में टाइल्स की कीमतों में अचानक तेजी आ गई है। दुकानदारों के अनुसार पहले जो टाइल्स की पेटी करीब 450 रुपये में मिलती थी, उसका दाम बढ़कर 550 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सामान्य रूप से 160 रुपये में मिलने वाली पेटी अब लगभग 230 रुपये तक बिक रही है।
स्थानीय बाजार में करीब 15 दुकानें टाइल्स का कारोबार कर रही हैं, जबकि पूरे जिले में 100 से अधिक व्यापारी इस व्यापार से जुड़े हुए हैं। इन दुकानों में बिकने वाला अधिकांश माल गुजरात की फैक्ट्रियों से आता है, इसलिए वहां उत्पादन प्रभावित होने का असर सीधे स्थानीय बाजारों में दिखाई दे रहा है।
निर्माण कार्य पर बढ़ा दबाव
टाइल्स की कीमतों में आई इस बढ़ोतरी से ठेकेदारों, मकान बनवा रहे लोगों और उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। निर्माण कार्य की लागत बढ़ने से कई परियोजनाओं का बजट प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले समय में टाइल्स की कीमतों में और भी वृद्धि हो सकती है।
टाइल्स विक्रेता विपुल रस्तोगी के अनुसार, एलपीजी गैस की कमी के कारण फैक्ट्रियों का उत्पादन प्रभावित हुआ है और इसका असर सीधे बाजार पर पड़ा है। पहले जो माल आसानी से उपलब्ध हो जाता था, अब उसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं।
एलपीजी गैस की कमी के कारण गुजरात की कई टाइल्स फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार में सप्लाई घट गई है। इसका असर कीमतों पर पड़ा है और टाइल्स के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं