October 12, 2026

UPI पेमेंट पर चार्ज की तैयारी, 2000 रुपये तक कोई शुल्क नहीं, बड़े भुगतान पर दुकानदारों से वसूली संभव

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नई दिल्ली । UPI से भुगतान करने वाले लोगों के लिए शुल्क से जुड़ा नया बदलाव सामने आया है। 2000 रुपये तक के UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा, जबकि इससे अधिक राशि के भुगतान पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस शुल्क का सीधा भुगतान ग्राहक को नहीं करना होगा। 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर लगने वाले शुल्क की दर तय करने की जिम्मेदारी NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की होगी।

अब तक UPI भुगतान को लेकर यह व्यवस्था थी कि किसी भी राशि के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता था। नई व्यवस्था में 2000 रुपये तक के भुगतान को शुल्क से बाहर रखा गया है। इससे ज्यादा राशि के भुगतान पर शुल्क की व्यवस्था लागू होने की संभावना है। ऐसे में बड़े मूल्य के UPI लेनदेन करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों पर इसका असर पड़ सकता है।

सामने आई जानकारी के अनुसार 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क कितना होगा, इसका अंतिम फैसला NPCI करेगा। इसकी दर 0.3 से 0.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, यह अंतिम दर नहीं है और वास्तविक शुल्क NPCI के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

यदि शुल्क की दर 0.3 से 0.5 प्रतिशत के बीच रहती है, तो 5000 रुपये के भुगतान पर 15 से 25 रुपये तक का शुल्क बन सकता है। यह राशि ग्राहक से सीधे वसूल किए जाने की बात नहीं है। इसका भुगतान दुकानदार या संबंधित व्यापारी को करना होगा। यानी किसी दुकान पर 5000 रुपये का सामान खरीदने के लिए UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक को अलग से 15 या 25 रुपये देने की जरूरत नहीं होगी।

इस व्यवस्था में व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI लेनदेन को अलग रखा गया है। यानी कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजता है, तो राशि कितनी भी हो, उसके लिए चार्ज नहीं लगेगा। इस तरह व्यक्तिगत लेनदेन पर शुल्क का असर नहीं पड़ेगा।

बदलाव का मुख्य असर व्यापारिक भुगतान पर पड़ने की संभावना है। दुकानदारों और कारोबारियों द्वारा ग्राहकों से सामान या सेवाओं के बदले UPI के जरिए प्राप्त की जाने वाली बड़ी रकम पर शुल्क लागू हो सकता है। हालांकि, इस शुल्क की अंतिम दर और लागू होने से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था NPCI के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

UPI देश में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है और छोटे से लेकर बड़े लेनदेन तक इसका इस्तेमाल किया जाता है। नई व्यवस्था में 2000 रुपये तक के भुगतान को बिना शुल्क जारी रखने की बात कही गई है। इससे रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर सीधे शुल्क का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

दूसरी ओर, 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर शुल्क की संभावित व्यवस्था कारोबारियों के लिए नई लागत पैदा कर सकती है। हालांकि, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेनदेन पर किसी राशि की सीमा के आधार पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बिंदु NPCI द्वारा तय की जाने वाली शुल्क दर है। 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर कितना प्रतिशत शुल्क लगेगा और यह व्यवस्था किस तरह लागू होगी, इसकी तस्वीर अंतिम निर्णय के बाद साफ होगी। फिलहाल 2000 रुपये तक के भुगतान को शुल्क से मुक्त रखने की व्यवस्था बताई गई है।

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