March 16, 2026

ट्रंप का आरोप: अमेरिकी अदालतें रिपब्लिकन के खिलाफ पक्षपाती, जजों की सोच ने फैसलों को प्रभावित किया

0
7-1773649039

नई दिल्ली:  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालतों पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका जरूरत से ज्यादा राजनीतिक हो चुकी है और कई मामलों में जजों की सोच फैसलों से अधिक प्रभाव डालती है। ट्रंप का आरोप है कि अदालतें अक्सर रिपब्लिकन नेताओं और उनके साथ जुड़े मामलों में अनुचित रुख अपनाती हैं और कई बार ऐसे लोगों को संरक्षण देती दिखाई देती हैं जिन्हें नहीं बचाया जाना चाहिए।

इसके साथ ही ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में स्थित फेडरल रिजर्व कॉम्प्लेक्स के नवीनीकरण प्रोजेक्ट में बजट और समय की अनियमितताओं की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट बजट से कहीं अधिक खर्च कर रहा है और तय समय से पीछे चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी पारदर्शी जांच होनी चाहिए और प्रोजेक्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्टरों की जिम्मेदारी तय की जाए।

ट्रंप ने विशेष रूप से जज जेम्स बोसबर्ग पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके और रिपब्लिकन नेताओं से जुड़े मामलों में पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया। ट्रंप ने कहा कि बोसबर्ग ने डी.सी. सर्किट में बेगुनाह रिपब्लिकन को दोषी ठहराने का समर्थन किया और अब फेडरल रिजर्व की वित्तीय गड़बड़ी की जांच रोक रहे हैं। उन्होंने जज बोसबर्ग को ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम (टीडीएस) के उच्च स्तर से पीड़ित बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अदालतों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक एजेंडे से दूर रहकर केवल कानून और न्याय के सिद्धांतों पर ध्यान दें। ट्रंप ने बोसबर्ग को उनके और रिपब्लिकन से जुड़े सभी केसों से हटाने और उन पर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई लेने की मांग की।

ट्रंप के बयान ने अमेरिकी न्यायपालिका और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि उन्होंने न्यायिक निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *