October 8, 2026

RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटाया, अप्रैल में लाइसेंस हुआ था रद्द

0
photo-2-1-1791432486

नई दिल्ली। पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने PPBL को RBI एक्ट, 1934 की दूसरी अनुसूची यानी शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अप्रैल 2026 में RBI पहले ही बैंक का लाइसेंस रद्द कर चुका है और उसके बाद बैंक को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

31 जुलाई को जारी हुई थी अधिसूचना
RBI ने 7 अक्टूबर को बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दूसरी अनुसूची से बाहर करने की अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी। इसे सितंबर में भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसका मतलब है कि PPBL अब RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल शेड्यूल्ड बैंकों की सूची का हिस्सा नहीं है।

साधारण भाषा में समझें तो RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को शेड्यूल्ड बैंक कहा जाता है। इन बैंकों पर संबंधित नियामकीय व्यवस्था लागू होती है और उन्हें कानून के तहत कुछ सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं। PPBL को इस सूची से बाहर करना उसके खिलाफ चल रही लंबी नियामकीय कार्रवाई का अगला कदम है।

कार्रवाई की शुरुआत 2022 में हुई थी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ RBI की सख्ती अचानक शुरू नहीं हुई थी। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने PPBL को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। RBI ने उस समय बैंक में गंभीर निगरानी संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था। साथ ही बैंक को अपनी IT व्यवस्था की व्यापक जांच के लिए बाहरी IT ऑडिट कंपनी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद बैंक पर नियामकीय दबाव लगातार बढ़ता गया और 2024 में RBI ने कई कारोबारी गतिविधियों पर रोक लगा दी।

जनवरी-फरवरी 2024 में और कड़ी हुई पाबंदियां
31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को RBI ने PPBL पर अतिरिक्त कारोबारी पाबंदियां लगाईं। बैंक को ग्राहकों के खातों, वॉलेट और अन्य प्रीपेड साधनों में नए जमा, क्रेडिट या टॉप-अप लेने से रोक दिया गया। इन पाबंदियों के कारण PPBL की सामान्य बैंकिंग गतिविधियां काफी सीमित हो गई थीं।

अप्रैल 2026 में रद्द कर दिया गया बैंकिंग लाइसेंस
PPBL के खिलाफ कार्रवाई का सबसे बड़ा कदम 24 अप्रैल 2026 को आया, जब RBI ने उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज उसके और जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक तरीके से चलाया जा रहा था। RBI के अनुसार, बैंक का प्रबंधन भी जमाकर्ताओं और जनहित के लिहाज से उचित नहीं था तथा बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहा था।

RBI ने यह भी कहा था कि बैंक को जारी रखना जनहित में उपयोगी नहीं होगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को बैंकिंग कारोबार करने से रोक दिया गया और RBI ने उसके समापन की प्रक्रिया के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने भी वाइंडिंग अप का आदेश दिया
लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी PPBL के वाइंडिंग अप का आदेश दिया। यानी अब बैंक को सामान्य बैंकिंग संस्था के रूप में जारी रखने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत बंद किया जाना है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
RBI की ताजा कार्रवाई मुख्य रूप से PPBL की शेड्यूल्ड बैंक की स्थिति से जुड़ी है। ग्राहकों के लिहाज से बड़ी बात यह है कि बैंक पर पहले ही नए ग्राहक जोड़ने और नए जमा, क्रेडिट व वॉलेट टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर रोक लग चुकी थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

वहीं Paytm ऐप की कई सेवाएं पेटीएम पेमेंट्स बैंक से अलग दूसरे बैंकों के जरिए चलती हैं। इसलिए PPBL के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को Paytm ऐप की सभी सेवाओं के बंद होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। Paytm ने भी स्पष्ट किया है कि उसके UPI, QR पेमेंट, Soundbox, कार्ड मशीन और पेमेंट गेटवे जैसी सेवाएं मल्टी-बैंक व्यवस्था के तहत चलती हैं।

इस तरह PPBL के खिलाफ कार्रवाई का क्रम अब एक और चरण में पहुंच गया है—पहले नए ग्राहक जोड़ने पर रोक, फिर 2024 में जमा और टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर पाबंदी, अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस रद्द और अब शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर किया जाना। इसके साथ बैंक के वाइंडिंग अप की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *