'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता
राजकुमार राव ने मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पोस्टर को लेकर टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अभिनेता के मुताबिक इस प्रतिक्रिया से टीम को यह सीख मिली कि किसी भी रचनात्मक काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर बनाने वाली टीम को एहसास हुआ कि काम को और सावधानी से किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी और बेहतर नतीजे के लिए समय लेना चाहिए था। इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म के शुरुआती प्रचार और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
राजकुमार राव ने यह भी कहा कि पोस्टर पर मिली प्रतिक्रिया से एक बात साफ हुई कि सौरव गांगुली के प्रशंसक उनसे कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम की सोच और खेलने के अंदाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनकी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में फिल्म के लुक और प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों की बारीक नजर स्वाभाविक मानी जा रही है।
AI को लेकर राजकुमार राव की दो टूक
फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि तकनीक के विकास को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल इंसानी रचनात्मकता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाने में मददगार उपकरण के रूप में होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों की ओर ध्यान दिलाया। अभिनेता ने चिंता जताई कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बढ़ी तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है।
राजकुमार के अनुसार फिल्म निर्माण केवल तस्वीरें बनाने या दृश्यों को तैयार करने का काम नहीं है। इसके पीछे कलाकारों तकनीकी विशेषज्ञों लेखकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। एक फिल्म में इंसानी अनुभव और भावनाओं की अहम भूमिका रहती है। उनका मानना है कि AI की मदद से कुछ काम आसान किए जा सकते हैं लेकिन हर रचनात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। दर्शकों को कई बार AI से तैयार सामग्री में बनावटीपन महसूस होता है जिससे कहानी और किरदारों का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।
सौरव गांगुली के घर और ईडन गार्डन्स में हुई शूटिंग
राजकुमार राव ने बताया कि दादा फिल्म की टीम ने सौरव गांगुली के घर और कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की है। अभिनेता ने कहा कि वह गांगुली से कई बार मिल चुके हैं और उनके साथ समय बिताकर उनकी जिंदगी को करीब से समझने की कोशिश की है। इन मुलाकातों के दौरान गांगुली ने अपने जीवन और अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत की। राजकुमार के मुताबिक किसी वास्तविक व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए केवल उसके हावभाव और पहनावे को अपनाना पर्याप्त नहीं होता बल्कि उसके जीवन के अनुभवों और पर्दे के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।
अभिनेता ने सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बताते हुए कहा कि उन्होंने टीम को मजबूत बनाने और भारतीय क्रिकेट की पहचान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बन रही इस फिल्म से दर्शकों को गांगुली के क्रिकेट करियर और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को देखने की उम्मीद है। अब फिल्म की आगे की झलकियों पर नजर रहेगी क्योंकि दर्शक चाहते हैं कि पर्दे पर गांगुली की छवि और उनकी कहानी को वास्तविकता के करीब पेश किया जाए।
