October 9, 2026

विष योग 2026: मेष, तुला और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क, खर्चों और पारिवारिक मामलों में बरतनी होगी सावधानी

0
7-1791532408

नई दिल्ली: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा के राशि परिवर्तन से चंद्र-शनि विष योग का निर्माण होगा। पंचांग के मुताबिक, चंद्रमा सुबह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि शनि पहले से मीन राशि में मौजूद हैं। कन्या और मीन राशि एक-दूसरे से सातवें स्थान पर हैं। इस स्थिति में चंद्रमा और शनि के बीच समसप्तक योग बनेगा और दोनों ग्रह एक-दूसरे पर सप्तम दृष्टि डालेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस स्थिति को विष योग कहा जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्मकुंडली में चंद्रमा और शनि की युति होने या दोनों ग्रहों के एक-दूसरे से सातवें भाव में स्थित होने पर विष योग बनता है। माना जाता है कि इस योग का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक मामलों, पारिवारिक जीवन और कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है। इसी आधार पर 9 अक्टूबर से बनने वाले इस योग को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इनके आधार पर किसी घटना या परेशानी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

मेष राशि के जातकों के लिए इस अवधि में मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान बेवजह के विवादों से दूर रहना और किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक लेन-देन करते समय जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतने और जल्दबाजी न करने पर जोर दिया गया है। वाणी पर नियंत्रण रखना भी महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि छोटी-सी बात गलतफहमी या विवाद का कारण बन सकती है। मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने का सुझाव दिया गया है।

तुला राशि के जातकों को इस दौरान अपने बजट और खर्चों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अचानक खर्च बढ़ने की आशंका के चलते आमदनी और जरूरतों को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाना बेहतर रहेगा। चंद्रमा के बारहवें भाव और शनि के छठे भाव में होने की स्थिति को देखते हुए विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है। किसी व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने से बचने की सलाह भी दी गई है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद की संभावना बताई गई है। इस अवधि में शांत रहकर बातचीत करने और आर्थिक फैसलों में सावधानी रखने को प्राथमिकता देने का सुझाव है। ज्योतिषीय उपाय के रूप में भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी गई है।

कुंभ राशि के जातकों को पारिवारिक रिश्तों और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मान्यता के अनुसार, घर-परिवार में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत के दौरान संयम रखना जरूरी होगा। व्यापार करने वालों को पैसों के लेन-देन में सतर्क रहने और बड़े आर्थिक फैसले भरोसेमंद व्यक्ति की मौजूदगी में लेने का सुझाव दिया गया है। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करने की भी सलाह दी गई है। जो लोग नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अक्टूबर के मध्य तक इंतजार करने का विकल्प सुझाया गया है। विष योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने की बात कही गई है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, विष योग के दौरान मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य, खर्च, कार्यस्थल और पारिवारिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए। बजट की योजना बनाना, लेन-देन में सावधानी रखना और विवादों से बचना उपयोगी व्यावहारिक कदम हैं। पूजा-पाठ और मंत्र जाप को धार्मिक आस्था से जुड़े उपायों के रूप में देखा जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed