शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा
जानकारी के मुताबिक मामला गुरुवार शाम का है जब शहर में आयोजित होने वाले एक गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए करीब 20 कारों का काफिला निकाला गया था। बताया गया है कि एक होटल में होने वाले कार्यक्रम के प्रचार के लिए बालिकाओं और युवतियों को कारों में बैठाकर कस्टम गेट से शहर के प्रमुख मार्गों तक घुमाया गया। इस दौरान कुछ युवतियां कारों की छत पर बैठी दिखाई दीं। काफिला शहर के व्यस्त रास्तों से गुजरा और कोतवाली थाने के सामने से भी निकला। इस तरह सड़क पर चलती कारों की छत पर बैठकर प्रचार करने का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद छह वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाकर कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक वाहन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जिससे कुल चालान राशि 30 हजार रुपये हो गई।
कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की बात भी कही। यातायात पुलिस ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यक्रम के प्रचार या उत्सव के दौरान सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।
चलती कार की छत पर बैठना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। अचानक ब्रेक लगने या वाहन के मोड़ लेने पर व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के प्रचार के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। शिवपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
