महंगे पेट्रोल में देश में चौथे नंबर पर एमपी, पड़ोसी राज्यों से 11 रुपए तक ज्यादा कीमत
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एमपी के पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल काफी सस्ता मिल रहा है। उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में पेट्रोल ₹94.69 और गुजरात (गांधीनगर) में ₹94.70 प्रति लीटर है। यानी एमपी के लोगों को करीब 11 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।
वहीं अन्य पड़ोसी राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ (रायपुर) में ₹99.44, महाराष्ट्र (मुंबई) में ₹103.54 और राजस्थान में ₹104.72 प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है।
क्यों महंगा है एमपी में पेट्रोल?
राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण अलग-अलग राज्यों में लगने वाला VAT (वैट), सेस और स्थानीय टैक्स है।
मध्य प्रदेश में टैक्स ढांचा काफी भारी है:
पेट्रोल पर: 29% VAT + ₹2.5/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस
डीजल पर: 23% VAT + ₹3/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस
इसके अलावा केंद्र सरकार पेट्रोल पर ₹19.90 और डीजल पर ₹15.80 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूलती है।
जीएसटी पर अभी फैसला टला
पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है, लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन फैसला टाल दिया गया।
डीजल में भी महंगा एमपी
केवल पेट्रोल ही नहीं, डीजल के मामले में भी मध्य प्रदेश महंगे राज्यों में शामिल है। देश में डीजल की ऊंची कीमतों के मामले में एमपी टॉप-10 में 7वें स्थान पर है।
