ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज
इस मामले में भिंड के बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत और 2-3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि हंगामे के दौरान पुलिस ने नेता को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, “क्या टोल वाले आपको पैसा देते हैं, जो मुझे रोक रहे हो?”
आंदोलन का कारण
ग्वालियर-भिंड-इटावा हाईवे लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर विवादों में रहा है। पिछले वर्षों में इस मार्ग पर सैकड़ों सड़क हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है। साधु-संतों ने इस मुद्दे पर आंदोलन शुरू किया, जो अब बड़े पैमाने पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन में बदल गया है।
सोमवार को आंदोलन के दौरान संत समाज और आम लोग बरैठा टोल पर यज्ञ कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वाहनों को बिना शुल्क छोड़े जाने के दौरान हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की।
तोड़फोड़ और घटना का विवरण
बरैठा टोल प्लाजा के मैनेजर अमित सिंह राठौर के मुताबिक, घटना दोपहर 1:30 बजे हुई। इस दौरान रक्षपाल सिंह राजावत अपने 2-3 साथियों के साथ आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ियों से टोल क्यों वसूला जा रहा है। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने कंप्यूटर, कैमरे और सेंसर में तोड़फोड़ की।
आरोपी और उनका राजनीतिक परिचय
रक्षपाल सिंह राजावत बहुजन समाज पार्टी से जुड़े नेता हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भिंड विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिला था, लेकिन नामांकन से पहले ही उन्हें बदल दिया गया। वह प्रॉपर्टी और रेत के कारोबार से जुड़े हैं और भिंड के वर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के विरोधी के रूप में जाने जाते हैं।
पुलिस कार्रवाई
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
ग्वालियर-भिंड बॉर्डर पर यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि हाईवे चौड़ीकरण की मांग को लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
