उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल कर रही थीं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मंच पर भाषण दे रहे थे, तभी कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने उन्हें पर्ची भेजी, जिसमें विश्वविद्यालय के कार्यों के लिए 10 लाख रुपए और कृषि अध्ययन शाला के लिए एक ड्रोन मांगा गया था। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, “इतने से क्या होता है? मैं आपको 51 लाख रुपए और पांच ड्रोन देता हूँ।”
दीक्षांत समारोह की विशेष बातें
समारोह का शुभारंभ राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी और 1 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की गई। मंच पर सांसद अनिल फिरोजिया, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कुलगुरु अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव अनिल शर्मा भी उपस्थित थे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और ग्रुप फोटो सेशन में भी भाग लिया।
गीता भवन का निर्माण
शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन बनाया जाएगा। यह भवन एक लाख वर्ग फीट में बनेगा और सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा। इस परियोजना में आडिटोरियम 12,700 वर्ग फीट और ई-लाइब्रेरी 3,600 वर्ग फीट में तैयार की जाएगी।
इसके अलावा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी समारोह में किया गया, जिसकी कुल लागत 662.46 करोड़ रुपए है।
सीएम ने घायल छात्र के परिवार से की मुलाकात
दीक्षांत समारोह के बाद मुख्यमंत्री गुरकीरत सिंह मनोचा के घर पहुंचे, जो कनाडा पढ़ाई के लिए जा रहे थे, और उनके परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि गुरकीरत सिंह की कार से हत्या हुई थी और उनकी बॉडी लाने में सरकार सभी खर्च उठाएगी।
सीएम ने बताया कि भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार से संपर्क किया गया है और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, ये हमारे राज्य और खासकर हमारे परिवार का मामला है। अंतिम संस्कार सहित जितना भी खर्च आएगा, सरकार वह उठाएगी।
