March 17, 2026

पलामू में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आयुष्मान भारत योजना से मुफ्त इलाज जारी

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नई दिल्ली। झारखंड के पलामू में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इस योजना ने उनकी सबसे बड़ी चिंता, इलाज के खर्च को खत्म कर दिया है, जिससे कम समय में अच्छा इलाज मिल रहा है और पैसे की परेशानी भी खत्म हो रही है।

मरीज के परिजन शकीर आलम ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी के बाद नवजात की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद संक्रमण की समस्या बताई और तुरंत इलाज शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आयुष्मान योजना नहीं होती, तो इतना महंगा इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं था। इस योजना के कारण उन्हें 70 से 80 प्रतिशत तक आर्थिक राहत मिली है और अभी तक उन्हें कोई खर्च नहीं उठाना पड़ा है। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार की भी सराहना की और कहा कि गरीबों के लिए यह योजना बेहद उपयोगी है।

इसी तरह एक अन्य लाभार्थी के परिजन धनंजय विश्वकर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि उनके बेटे का इलाज भी इसी योजना के तहत चल रहा है। पहले इलाज के लिए पैसे की चिंता सबसे बड़ी समस्या होती थी, लेकिन अब सरकार की इस पहल से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

अस्पताल के कर्मचारी रवि कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले जहां इलाज के अभाव में कई लोग परेशान रहते थे, वहीं अब उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।

अस्पताल संचालक और प्राइवेट अस्पताल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि उनके अस्पताल में वर्तमान में करीब 10 मरीज आयुष्मान योजना के तहत भर्ती हैं। योजना की प्रक्रिया काफी सरल है। मरीज के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड होना चाहिए। इसके बाद आयुष्मान पोर्टल पर नाम की पुष्टि होते ही मरीज को भर्ती कर लिया जाता है और इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के तहत सामान्य सर्जरी, नवजात के लिए एनआईसीयू, बच्चों के लिए पीआईसीयू, इमरजेंसी सेवाएं और कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है। पहले जहां गरीबों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या संपत्ति बेचनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें निजी अस्पतालों में भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है।

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