March 18, 2026

मेक इन इंडिया को बड़ी सफलता: इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर एक्सपोर्ट में 32% से ज्यादा वृद्धि

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नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर सेक्टर तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2024-25 में आधार पर 32.47 प्रतिशत बढ़कर 38.58 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएससी) की रिपोर्ट में सामने आई है। इससे पहले 2023-24 में यह आंकड़ा 29.12 अरब डॉलर था, जो इस क्षेत्र में तेजी से विकास को दर्शाता है। विश्लेषकों का रुझान है कि यह उछाल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा योगदान स्मार्टफोन एक्सपोर्ट का रहा है। अकेले स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 2023-24 के 15.57 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 24.14 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिससे यह पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया। यूनाइटेड स्टेट्स भारत के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा बाजार बना अकेला, जहां कुल एक्सपोर्ट का 44 प्रतिशत गया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और इटली जैसे देशों में भी भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

वैश्विक बाजारों में बढ़ती पकड़, नए क्षेत्रों में विस्तार

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अमेरिका 14.70 अरब डॉलर के साथ भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना, जबकि यूरोप 11.45 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ईएससी के डायरेक्टर वीर सागर ने बताया कि ‘इंडिया टेक’ पहल के तहत भारतीय कंपनियां अब अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, सीआईएस, आसियान और सार्क जैसे उभरे हुए बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही हैं, साथ ही विकसित बाजारों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। वहीं, कार्यकारी निदेशक गुरमीत सिंह के अनुसार, टेलीकॉम उपकरण-खासतौर पर स्मार्टफोन-इस विकास के प्रमुख चालक बने हुए हैं।

क्षेत्रीय स्तर पर भी भारत का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। रूस और सीआईएस देशों को निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 1.10 अरब डॉलर हो गया, जबकि मध्य पूर्व का योगदान 5.20 अरब डॉलर रहा। वहीं, जापान और दक्षिण कोरिया को निर्यात में 48.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 1.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

राज्यों की भूमिका बढ़ेगी, निर्माण का फैलाव

राज्यवार आंकड़ों में तमिलनाडु 15 अरब डॉलर के निर्यात के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली का स्थान रहा। यह खुलता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग अब पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़कर देश के विभिन्न हिस्सों में फैल रही है।

कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट संकेत देती है कि भारत न सिर्फ उत्पादन बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक उपलब्धता चेन में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज करा रहा है। आने वाले समय में यह सेक्टर रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास का बड़ा इंजन बन सकता है।

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