March 20, 2026

International Energy Agency की बड़ी सलाह, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम होम से आधुनिक कुकिंग तक सुझाव

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नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने दुनिया को संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई बड़े सुझाव दिए हैं। एजेंसी के अनुसार, मौजूदा हालात वैश्विक तेल बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सप्लाई संकटों में से एक बन सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देगा।

IEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फतिह बिरोल ने कहा कि अगर इस संकट का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ऊर्जा की सप्लाई में भारी उछाल और सप्लाई में कमी जैसे हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में ज़िलों, कंपनियों और आम लोगों को मिलकर ईंधन की खपत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

वर्क फ्रॉम होम और ट्रांसपोर्ट में कटौती पर जोर
IEA ने सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, लोगों को वर्क फ्रॉम होम अपनाना चाहिए। इससे रोजाना ऑफिस आने-जाने में खर्च होने वाले ईंधन की बचत होगी। साथ ही अनावश्यक हवाई लेवल को कम करने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि इससे जेट ईंधन की मांग में कमी आएगी और ऊर्जा संकट का दबाव घटेगा।

आधुनिक कुकिंग और एलपीजी पर निर्भरता कम करने की सलाह
रिपोर्ट में कहा गया है कि एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए लोगों को इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प अपनाने चाहिए। इससे गैस की खपत कम होगी और जरूरी सेवाओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता बनी रहेगी। उद्योगों को भी एलपीजी के विकल्प जैसे नेफ्था का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बदलाव जरूरी
आईईए ने सड़क परिवहन में ईंधन बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इसमें निजी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाना, कार शेयरिंग को बढ़ावा देना और हाईवे पर गाड़ियों की स्पीड कम करना शामिल है। साथ ही माल गाड़ियों में दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

ग्रामीणों को निभानी होगी बड़ी भूमिका
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीणों को लक्षित सहायता योजनाएं लागू करनी चाहिए, ताकि जागरूकता लोगों को ही मदद मिले और संसाधनों का सही उपयोग हो सके। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऊर्जा बचाने के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर से बढ़ती चिंता
आईईए के अनुसार, वैश्विक तेल संसाधनों का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है, लेकिन मौजूदा तनाव के चलते इस अहम मार्ग पर बिगड़ी हुई प्रभावित हुई है। आमतौर पर यहां से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, लेकिन परिस्थितियां बिगड़ने से संसाधनों में बड़ी बाधाएं देखी जा रही है।

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