नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार
शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत 7 जुलाई को हुई, जब एक महिला अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को लेकर पीड़ितों के घर पहुंची। उसने स्वयं को भरोसेमंद बताते हुए पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान उसने महिलाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की और अगले दिन फिर आने की बात कहकर वहां से चली गई।
पीड़ितों का आरोप है कि 8 जुलाई को वही महिला दोबारा उनके घर पहुंची। इस बार उसने सोने और चांदी के आभूषणों को नया रूप देने, चमकाने और आकर्षक डिज़ाइन तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उसने भरोसा दिलाया कि वह जेवर देखकर तुरंत वापस कर देगी। महिला की बातों पर विश्वास करते हुए पीड़ितों ने अपने कीमती आभूषण उसे सौंप दिए।
आरोप है कि जेवर लेने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, गायब हुए सोने-चांदी के आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने ऐसे गिरोहों से सतर्क रहने की अपील की है।
मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित महिलाएं नेमावर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, आरोपी महिला की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार करने तथा उनके आभूषण बरामद कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच के तहत पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी महिला किसी संगठित ठग गिरोह का हिस्सा है या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण या अन्य बहुमूल्य सामान किसी को न सौंपें। यदि कोई व्यक्ति जेवर चमकाने, बदलने या अन्य किसी बहाने से घर पहुंचता है तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मामला एक बार फिर सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि इस प्रकार की ठगी से आम नागरिकों को बचाया जा सके।
