महाराष्ट्र: उल्हास नदी पर बन रहे बुलेट ट्रेन पुल के बहने की खबर वायरल, NHSRCL ने बताया क्या है सच्चाई
NHSRCL ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि भारी बारिश और उल्हास नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण केवल निर्माण कार्य के लिए बनाया गया अस्थायी एक्सेस मार्ग प्रभावित हुआ है। यह मार्ग मजदूरों, मशीनरी और निर्माण सामग्री के आवागमन के लिए तैयार किया गया था और इसका मुख्य पुल की संरचना से कोई संबंध नहीं था।
निर्माण कार्य पर नहीं पड़ा कोई असर
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना का पुल के डिजाइन, सुरक्षा या निर्माण कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। परियोजना का निर्माण कार्य तय योजना के अनुसार जारी है और सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
भारी बारिश के बाद फैली थी भ्रम की स्थिति
हाल ही में ठाणे जिले में हुई तेज बारिश के कारण उल्हास नदी उफान पर आ गई थी, जिससे आसपास के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि निर्माणाधीन पुल बह गया है। हालांकि, NHSRCL ने स्पष्ट किया कि प्रभावित हिस्सा केवल अस्थायी निर्माण मार्ग था, स्थायी पुल नहीं।
1.08 लाख करोड़ रुपये की है परियोजना
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है और इसे करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।
NHSRCL ने लोगों से अपील की है कि परियोजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक या अपुष्ट खबरों से बचें। निगम के अनुसार, ठाणे सहित सभी निर्माण स्थलों पर परियोजना का कार्य पारदर्शिता के साथ लगातार जारी है।
