विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि
कार्डिफ का मैदान विराट कोहली के लिए पहले भी खास रहा है और इस बार भी उन्होंने यहां यादगार प्रदर्शन किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड में वर्ष 2011 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे कोहली अब तीनों प्रारूपों को मिलाकर यहां सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं।
इस मुकाबले में बनाया गया अर्धशतक इंग्लैंड में विराट कोहली का 19वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही वह इंग्लैंड में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम इंग्लैंड में अब तीन शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं।
मैच के दौरान विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के लिए 8000 से अधिक रनों की साझेदारी पूरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ रोहित और विराट की जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में शामिल हो गई। उन्होंने इस मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की प्रसिद्ध जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए नया स्थान हासिल किया।
विराट कोहली का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके थे। पहले वनडे में वह केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कार्डिफ में खेली गई यह संयमित और जिम्मेदार पारी उन सभी सवालों का जवाब मानी जा रही है। उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में मौके मिलने पर आकर्षक स्ट्रोक्स भी लगाए।
वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। वह इस प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। कार्डिफ में खेली गई यह पारी उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई, जिसने साबित किया कि बड़े मुकाबलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना अहम है। भारतीय टीम को भी इस प्रदर्शन से आगे की श्रृंखला के लिए आत्मविश्वास मिला है और उम्मीद रहेगी कि विराट आगामी मुकाबलों में भी इसी तरह की निरंतरता बनाए रखेंगे।
