July 20, 2026

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप सुसाइड की आशंका जांच में जुटीं एजेंसियां

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उत्तर प्रदेश । यूपी के बागपत जिले के मूल निवासी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। सोमवार सुबह उनका शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिला। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम हर पहलू की गहन जांच कर रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी पहचान एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों की जांच में भी उनकी अहम भूमिका रही थी जिसके कारण वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।

उनकी अचानक मौत की खबर सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। घटनास्थल को सुरक्षित कर पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से मिले सभी तथ्यों और परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।

अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। ग्रामीणों के अनुसार वे करीब पच्चीस वर्ष पहले आखिरी बार अपने पैतृक गांव आए थे। गांव में उनका पुश्तैनी मकान आज भी मौजूद है लेकिन लंबे समय से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य अब गांव में नहीं रहते।

उनका शुरुआती जीवन बेहद सामान्य माहौल में बीता। उन्होंने गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। मेहनत और ईमानदारी के दम पर उन्होंने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और अंततः त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक बने।

परिवार में उनकी पत्नी कल्पना और बेटा अभिषेक हैं। अभिषेक वर्तमान में कनाडा में रहते हैं। उनके दो भाई भी हैं जिनमें एक बड़ौत में व्यवसाय करते हैं जबकि दूसरे वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद निजी क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं।

उनके बचपन के मित्रों ने उन्हें अनुशासित मेहनती और खेलों में रुचि रखने वाला व्यक्ति बताया। उनके साथ पढ़ने वाले साथियों के अनुसार वे वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे और हमेशा नेतृत्व की क्षमता दिखाते थे। यही गुण आगे चलकर उनके प्रशासनिक जीवन में भी दिखाई दिए।

फिलहाल पुलिस मुख्यालय में हुई इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियां हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच पुलिस विभाग ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है। देश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में गिने जाने वाले अनुराग धनखड़ का अचानक इस तरह दुनिया से चले जाना प्रशासनिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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