बातचीत को तैयार सरकार, चार बार भेजा न्योता, CJP बोली- जंतर-मंतर आएं, नड्डा के घर नहीं जाएंगे
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी राजनीतिक नेता के घर या कार्यालय में बातचीत के लिए नहीं जाएगा।
इधर, प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने कनॉट प्लेस स्थित दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां संचालकों से गुरुवार शाम 6:30 बजे तक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है।
जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन 20 जून से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP का प्रदर्शन 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वहीं, सोनम वांगचुक का अनशन भी 26 दिन से जारी है और उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा है।
धरनास्थल पर देशभर से लोगों का समर्थन भी देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों के लिए विभिन्न राज्यों से भोजन भेजा जा रहा है, जबकि छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड जैसी आवश्यक सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।
