August 3, 2026

गड़े धन का लालच बना मौत का जाल! MP में तंत्र-मंत्र के नाम पर हत्या, नरबलि और करोड़ों की ठगी का काला खेल

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भोपाल । रातों-रात अमीर बनने का सपना, खेतों में दबे खजाने की कहानियां और तंत्र-मंत्र के जरिए अकूत संपत्ति मिलने का झांसा आज भी लोगों को अंधविश्वास की ऐसी अंधेरी दुनिया में धकेल रहा है, जहां अंत अक्सर हत्या, ठगी और बर्बादी के रूप में होता है। मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने यह साबित कर दिया है कि गड़े धन का मिथक अब केवल अफवाह नहीं, बल्कि संगठित अपराध और अंधविश्वास का खतरनाक हथियार बन चुका है।

भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके में एक पिता ने कथित तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी 17 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। तांत्रिक ने दावा किया था कि खेत में दबे खजाने तक पहुंचने के लिए लड़की की बलि जरूरी है। पिता ने बेटी की हत्या कर शव खेत में दफना दिया। कई महीने बाद जब खेत की जुताई हुई तो कंकाल मिलने से पूरे मामले का खुलासा हुआ।

रायसेन जिले में भी गड़े धन की तलाश एक व्यापारी की जिंदगी पर भारी पड़ गई। कथित तांत्रिक ने करोड़ों के खजाने का लालच देकर पूजा कराई और फिर नरबलि की बात कहकर व्यापारी की हत्या कर शव रेत में दफना दिया। पुलिस जांच में यह सनसनीखेज वारदात सामने आई।

बालाघाट में एक तांत्रिक के कहने पर 11 लोग एक महिला के घर में गड़ा धन तलाशने घुस गए। महिला के जागने पर उस पर चाकू से हमला कर दिया गया। हालांकि आरोपियों को कोई खजाना नहीं मिला और वे घर का सामान लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने बाद में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया।

मंदसौर में भी कथित तांत्रिकों ने किसान को नोटों की बारिश और गड़ा धन निकालने का सपना दिखाकर करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। पूजा-पाठ, भूत-प्रेत और नरबलि का डर दिखाकर लगातार पैसे वसूले जाते रहे। आखिरकार जब नोटों की गड्डियों में असली मुद्रा की जगह छोटे नोट निकले तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस गंभीर समस्या की पुष्टि करते हैं। वर्ष 2024 में देशभर में टोना-टोटका से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश में 17 मामले सामने आए। इस तरह अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं के मामलों में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राचीन समय में युद्ध के दौरान लोग अपनी संपत्ति जमीन में छिपा देते थे। समय के साथ यह मान्यता बन गई कि ऐसे खजानों की रक्षा अदृश्य शक्तियां करती हैं और विशेष तांत्रिक क्रियाओं से ही उन्हें प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन शास्त्रों में तंत्र-मंत्र से गड़ा धन निकालने, नोटों की बारिश कराने या रातों-रात अमीर बनने का कोई प्रमाण नहीं मिलता। कथित तांत्रिक इसी अज्ञानता और लालच का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो और फर्जी दावों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में जरूरत है कि लोग वैज्ञानिक सोच अपनाएं, अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी तरह के चमत्कार या गड़े धन के दावों पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहें। क्योंकि खजाने की तलाश में उठाया गया एक गलत कदम कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए तबाह कर सकता है।

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