August 3, 2026

भारत और यूक्रेन के गृहप्रवेश में कितना अंतर? महिला ने बताया दोनों देशों की परंपराओं का फर्क, वीडियो देख गदगद हुए लोग

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कीव। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यूक्रेन की कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन की पोस्ट ने भारतीय परंपराओं की तारीफ बटोरी. उन्होंने बताया कि यूरोप में जहां नए घर की खुशी दोस्तों के साथ खाने-पीने और बातचीत से शुरू होती है, वहीं भारत में हाउसवार्मिंग से पहले पूजा-पाठ और घर की खुशहाली की कामना की जाती है. सैंड्रा ने भारतीय गृह प्रवेश समारोह को परंपरा, आस्था और परिवार से जुड़ा खूबसूरत अनुभव बताया.

नई जगह जाना और अपना घर खरीदना हर किसी के लिए खास पल होता है. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग इस खुशी को अपने-अपने तरीके से मनाते हैं. लेकिन भारत की हाउसवार्मिंग यानी गृह प्रवेश की परंपरा ने एक यूक्रेनी महिला का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

यूक्रेन की रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन ने सोशल मीडिया पर भारत और यूरोप के हाउसवार्मिंग समारोह (गृह प्रवेश समारोह) के बीच का अंतर बताया. उन्होंने कहा कि भारत आने से पहले उन्हें लगता था कि दुनिया के हर देश में नए घर की पार्टी लगभग एक जैसी ही होती होगी. लेकिन जब उन्होंने भारत में एक गृह प्रवेश कार्यक्रम देखा तो उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया. सैंड्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें लगा था कि नया घर खरीदने के बाद लोग परिवार और दोस्तों को बुलाते हैं, खाना खाते हैं, घर दिखाते हैं और फिर पार्टी खत्म हो जाती है. लेकिन भारत में उन्होंने जो देखा, वह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था.
यूरोप में शाम की पार्टी, भारत में सुबह से शुरू होती है तैयारी
सैंड्रा ने बताया कि यूरोप में आमतौर पर गृह प्रवेश पार्टी शाम के समय शुरू होती है. लोग शाम को नए घर पहुंचते हैं, साथ बैठते हैं, खाना खाते हैं, बातचीत करते हैं और घर की तारीफ करते हैं. कई जगह लोग ड्रिंक और म्यूजिक के साथ इस खास दिन को सेलिब्रेट करते हैं. लेकिन भारत में उन्होंने देखा कि गृह प्रवेश का कार्यक्रम सुबह बहुत जल्दी शुरू हो जाता है. उन्होंने बताया कि यहां कई परिवार सुबह 6 बजे से ही पूजा और धार्मिक रस्मों की तैयारी शुरू कर देते हैं. सैंड्रा के मुताबिक, भारत में सबसे पहले नए घर को शुभ बनाने और भगवान का आशीर्वाद लेने पर ध्यान दिया जाता है. परिवार पंडितों को बुलाते हैं, पूजा कराते हैं और घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
पूजा के बाद शुरू होता है असली जश्न

सैंड्रा ने बताया कि भारत में गृह प्रवेश का मुख्य मकसद सिर्फ पार्टी करना नहीं होता, बल्कि नए घर के लिए आभार जताना होता है. पूजा खत्म होने के बाद ही बाकी कार्यक्रम शुरू होते हैं. उन्होंने बताया कि कई जगहों पर पूजा के बाद भजन, मंत्र और धार्मिक गीतों का आयोजन होता है. इसके बाद परिवार और रिश्तेदार साथ बैठकर खाना खाते हैं. धीरे-धीरे माहौल एक पारंपरिक समारोह से बदलकर खुशी भरी पार्टी जैसा हो जाता है. सैंड्रा को सबसे ज्यादा यह बात पसंद आई कि भारत में घर को सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं माना जाता. लोगों के लिए घर एक ऐसी जगह होती है, जहां परिवार अपने भविष्य की यादें बनाता है.

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