August 3, 2026

शेयर बाजार में तेज गिरावट का असर, देश की शीर्ष 10 में से केवल एक कंपनी का मार्केटकैप बढ़ा

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नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और घरेलू शेयर बाजार में लगातार बिकवाली के दबाव का असर देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों पर भी साफ दिखाई दिया। बीते कारोबारी सप्ताह में भारत की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में लगभग 2.74 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई। निवेशकों की सतर्कता और व्यापक मुनाफावसूली के कारण अधिकांश प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे उनके मार्केटकैप पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

20 से 24 जुलाई के कारोबारी सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा। इस अवधि में सेंसेक्स 2,091.68 अंक यानी 2.68 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,767.45 पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की सतर्क रणनीति और व्यापक बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे अधिक नुकसान एचडीएफसी बैंक को हुआ। सप्ताह के दौरान बैंक के मार्केटकैप में 1.18 लाख करोड़ रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी बड़ा झटका लगा, जिसके बाजार पूंजीकरण में 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कमी आई। देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी होने के बावजूद रिलायंस का शीर्ष स्थान बरकरार रहा, लेकिन बाजार मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

अन्य प्रमुख कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो और भारतीय जीवन बीमा निगम के बाजार पूंजीकरण में भी कमी आई। इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखाई दिया। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियां इस सप्ताह बिकवाली के दबाव में रहीं।

दूसरी ओर, शीर्ष 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ऐसी कंपनी रही, जिसके बाजार पूंजीकरण में मामूली बढ़त दर्ज की गई। हालांकि यह वृद्धि कुल गिरावट की तुलना में काफी सीमित रही और समग्र रूप से शीर्ष कंपनियों के संयुक्त मूल्यांकन पर इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।

सप्ताह के अंत तक बाजार पूंजीकरण के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी रही। इसके बाद भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम, लार्सन एंड टुब्रो तथा हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। इन कंपनियों का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार की समग्र दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आगामी कॉरपोरेट नतीजों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियों में स्थिरता आती है और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में सुधार की संभावना बन सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए बाजार की चाल पर सतर्क निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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