September 13, 2026

Oil Spill: ओमान तट पर फंसे रूसी तेल टैंकर से बढ़ा रिसाव, गहराया पर्यावरणीय संकट; तट तक पहुंचा ऑयल स्पिल

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नई दिल्ली । ओमान के तट के निकट बीते कई सप्ताह से फंसे हुए एक रूसी तेल टैंकर से हो रहा कच्चे तेल का रिसाव बेहद भयावह रूप लेता जा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से इस बात की पुष्टि हुई है कि समुद्र की सतह पर फैला कच्चा तेल अब आसपास के तटीय क्षेत्रों और द्वीपों तक पहुंच चुका है। इससे क्षेत्र के दुर्लभ समुद्री वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया है।

पर्यावरण संगठनों के अनुसार इस तेल रिसाव का फैलाव बेहद कम समय में काफी तेजी से बढ़ा है। जहां कुछ समय पहले तक रिसाव का दायरा सीमित था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 150 वर्ग किलोमीटर से अधिक के विशाल क्षेत्र में फैल चुका है। तेल की यह काली और खतरनाक परत ओमान के मुख्य प्रांत धोफार के समीप स्थित किब्लियाह द्वीप के तटीय हिस्सों को अपनी चपेट में ले चुकी है।

जिस 274 मीटर लंबे सूएजमैक्स श्रेणी के टैंकर से यह रिसाव हो रहा है, उसका नाम कैरोलिन बेजेंगी बताया जा रहा है। इस जहाज पर रूस के कच्चे तेल का परिवहन करने के कारण ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और कनाडा जैसे देशों ने कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। जून महीने से ही यह टैंकर ओमान के तट के पास फंसा हुआ था, जब इसके चालक दल ने जहाज के भीतर एक विस्फोट होने की सूचना दी थी।

यह पूरा प्रभावित इलाका अरब सागर रिजर्व के अंतर्गत आता है, जिसे एक संवेदनशील समुद्री संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में बेहद दुर्लभ प्रजाति की अरब सागर हंपबैक व्हेल और संकटग्रस्त पेट्रेल पक्षी निवास करते हैं। समुद्र में तेजी से फैल रहे इस गाढ़े विषैले तेल के कारण इन जीवों के अस्तित्व पर सीधा और गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस टैंकर में लगभग 8 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल मौजूद था। जानकारों का कहना है कि यह दुर्घटना रूस के शैडो फ्लीट और पुराने टैंकरों के माध्यम से बिना कड़े सुरक्षा मानकों के किए जा रहे तेल परिवहन के बेहद गंभीर खतरों को उजागर करती है। समय रहते इस रिसाव को न रोका गया तो यह क्षेत्र के लिए एक स्थायी प्राकृतिक आपदा बन सकता है।

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