September 13, 2026

मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफी, सीएसएएम, डीपफेक और सिस्टम एरर को लेकर जताया खेद

0
13-1785931959
नई दिल्ली । मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों को लेकर भारत सरकार से माफी मांगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने कुछ मामलों में हुई चूक पर खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सरकार लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने मेटा को स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका केवल तकनीकी माध्यम तक सीमित नहीं मानी जा सकती। सरकार का कहना है कि यदि कोई मंच सामग्री के प्रसार और दृश्यता को प्रभावित करता है, तो उस पर भारतीय कानूनों के अनुरूप आवश्यक जिम्मेदारियां भी लागू होती हैं। इसी संदर्भ में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई और स्थानीय नियमों के पूर्ण अनुपालन पर जोर दिया गया।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मेटा की ओर से सीएसएएम और डीपफेक जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। कंपनी ने स्वीकार किया कि इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपने तकनीकी तंत्र और निगरानी प्रणाली को लगातार मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी कुछ तकनीकी त्रुटियों पर भी खेद जताते हुए उन्हें दूर करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई।

यह मामला उस विवाद के बाद और अधिक चर्चा में आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर उपलब्ध नहीं रहा। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संसदीय समिति ने मेटा से जवाब मांगा था और निर्धारित समय के भीतर बिना शर्त माफी की मांग की थी। समिति ने यह भी संकेत दिया था कि यदि कंपनी संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती है तो नियामकीय स्तर पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

इसी क्रम में मेटा के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में संचालित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देश के लागू नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूर्ण पालन करना होगा।

मेटा और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से ही कंटेंट मॉडरेशन, फैक्ट-चेकिंग और सुरक्षा संबंधी कई आंतरिक व्यवस्थाएं लागू हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच हुई यह बातचीत भविष्य में ऑनलाइन सुरक्षा, पारदर्शिता और डिजिटल जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed