September 13, 2026

पंजोखरा साहिब विवाद ने पकड़ा तूल, NH-44 पर घंटों बवाल; लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद हालात काबू में

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नई दिल्ली। हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर गुरुवार को हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग और हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की रिहाई को लेकर बड़ी संख्या में सिख संगत ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

मामला पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड से जुड़े पुराने विवाद के बाद शुरू हुआ था। 7 अगस्त को मंड पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सिख संगठनों की ओर से इन युवकों की गिरफ्तारी का विरोध शुरू हो गया। संगत की मांग थी कि युवकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और मंड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर पंजोखरा साहिब में बैठक हुई जिसमें पंजाब से भी सिख संगठनों के लोगों के पहुंचने की बात सामने आई।

गुरुवार को प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकले और नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की थी। स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। आखिरकार संगत ने हाईवे पर पहुंचकर यातायात रोक दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार हाईवे पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

इस बीच प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद पुलिस ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। हालांकि FIR दर्ज होने के बाद भी प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ। संगत ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग रख दी। पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शनकारी युवाओं की रिहाई और मामले में कार्रवाई को लेकर अपनी मांग पर अड़े रहे।

शाम होते होते पुलिस ने हाईवे खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की लेकिन जब गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो कार्रवाई की गई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आईं।

हिंसा के दौरान नारायणगढ़ के DSP वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट लगी और उनका अंगूठा कट गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक करीब छह से सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। NDTV की रिपोर्ट में भी DSP समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर भी सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सार्वजनिक मार्ग को लंबे समय तक बाधित नहीं रहने दिया जा सकता। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर सिख संगठनों की ओर से युवाओं की गिरफ्तारी और पूरे विवाद को लेकर नाराजगी बनी हुई है।

कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने हाईवे को खाली कराया और यातायात बहाल करने की कोशिश की। हालांकि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया है। अब पूरे घटनाक्रम में हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों और प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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