October 5, 2026

यूपी में सामान्य से ज्यादा बारिश, अगस्त ने पलटा मानसून का रुख, चित्रकूट में सबसे ज्‍यादा बरसा पानी

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लखनऊ। मानसून की शुरुआत में बारिश की कमी से चिंतित उत्तर प्रदेश में अब तस्वीर बदल गई है। अलनीनो के प्रभाव के चलते कमजोर मानसून की आशंका जताई गई थी, लेकिन अगस्त में सक्रिय रहे कई मौसमी सिस्टम ने बारिश की कमी पूरी कर दी। प्रदेश में अब मानसूनी बारिश सामान्य औसत से ऊपर पहुंच गई है।

एक जून से 8 सितंबर तक 100.3% बारिश
उत्तर प्रदेश में एक जून से 8 सितंबर तक 649.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 647.3 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य की 100.3 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। खास बात यह है कि सितंबर का आधे से ज्यादा महीना अभी बाकी है।

कमजोर मानसून का अनुमान, अगस्त में बदली तस्वीर
मौसम विभाग ने अलनीनो की सक्रियता को देखते हुए मानसून के कमजोर रहने का अनुमान जताया था। जून से सितंबर के दौरान देश में दीर्घकालिक औसत की करीब 90 प्रतिशत बारिश होने का पूर्वानुमान था। मानसून की शुरुआत में जून-जुलाई में बारिश अपेक्षाकृत कम भी रही, लेकिन अगस्त में लगातार सक्रिय हुए कम दबाव के क्षेत्रों और अन्य मानसूनी सिस्टम ने पूरी स्थिति बदल दी। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के दौर आए और बारिश की कमी तेजी से पूरी हुई।

अगस्त में सामान्य से 24% ज्यादा बारिश
जून-जुलाई की कम बारिश के बाद अगस्त में प्रदेश में 291.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 235.5 मिलीमीटर होती है। यानी अगस्त में सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। यह अगस्त 2018 के बाद सबसे अधिक बारिश वाले अगस्त में दूसरे स्थान पर रहा। अगस्त 2018 में प्रदेश में 293.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी।

प्रदेश का औसत सामान्य, लेकिन जिलों में तस्वीर अलग
प्रदेश का औसत बारिश का आंकड़ा भले ही सामान्य से ऊपर पहुंच गया हो, लेकिन जिलों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। कहीं बारिश ने सामान्य आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया तो कुछ जिले अब भी कमी से जूझ रहे हैं।

चित्रकूट सबसे आगे, कुशीनगर में सबसे ज्यादा कमी
चित्रकूट में अब तक 1201.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इसके विपरीत कुशीनगर में सिर्फ 204.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। यहां सामान्य के मुकाबले करीब 67 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मऊ में भी सामान्य से करीब 53 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

इस तरह प्रदेश में मानसून का औसत आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंचने के बावजूद जिलों में बारिश की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। यही वजह है कि एक ही प्रदेश में कहीं मानसून ने जमकर पानी बरसाया तो कहीं अब भी बारिश का इंतजार बना हुआ है।

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